अभियोजन अधिकारियों की प्रभावी बहस से 32 लोगों को जेल

 कमलाकर मिश्र की रिपोर्ट


 



 देवरिया-समाज में भय और आतंक फैलाकर अपराध करने वाले अपराधियों को सजा दिलाने में अभियोजन की महत्वपूर्ण भूमिका है। यही नहीं, शासकीय अधिवक्ता, पैरोकार व गवाह भी इस काम को अंजाम देने में पसीना बहाते हैं। तभी ऐसे अपराधी जेल के सीखचों तक पहुँच पाते ताजा मामला लार थाना क्षेत्र के कुंडावल गांव  का है। जहाँ लालबाबू तिवारी की जमीन व मकान पर कब्जा करने की नियत से पहुंचे 32 अभियुक्तों को आज लार  पुलिस द्वारा पकड़ कर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एफटीसी अमित साहनी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस द्वारा इन सभी अभियुक्तों के विरुद्ध 7 सीएलले तथा अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया।  वही बचाव पक्ष की ओर से अभियुक्तों को जेल न भेजने व पुलिस को रिमांड न देने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया जिस पर अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी नवनीत त्रिपाठी, दानिश जमाल  एवं  देवेश त्रिपाठी ने रिमांड पर प्रभावी बहस  के उपरांत सभी 32 अभियुक्तों की रिमांड स्वीकृत करते हुए सभी अभियुक्तो जेल भेजे  दिया गया ।