उगते सूरज को महिलाओं ने दिया अ‌र्घ्य
कमलाकर मिश्न की रिपोर्ट
देवरिया-कांचहि बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए ... बहंगी घाटे पहुंचाय’... जैसी गीत से जनपद का कोना-कोना गूंजता रहा। सूर्योपासना के पर्व डाला छठ के क्रम में शनिवार की सुबह सुख, शांति, संपन्नता तथा पुत्र की मंगल कामना को लेकर निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्यदान कर अपनी पूजा पूरी की। इसके लिए फल, फूल और अन्य पूजन सामग्रियों के साथ महिलाएं परंपरागत रूप से गाजे बाजे के साथ अपने घरों से छठ माता के गीत गाते हुए निकलीं। नदी और पोखरों के घाटों पर पूरी तरह मेला जैसा दृश्य नजर आया। हनुमान मदिंर और परमार्थी पोखरे पर बच्चों ने जमकर आतिशबाजी की। वही धाटों पर भीड़ अधिक होने के कारण महिलाओं अपने घरों में ही छतों के ऊपर उगते सूर्य को अर्घ्यदान कर अपनी पूजा पूरी की।