मलिन बस्तियों में कोरोना सैम्‍पलिंग के बाद राहत , सतर्कता बरतने की अपील
वेद पाण्डेय की रिपोर्ट
-    2047 जांच के बाद केवल मिला केवल एक पाजिटिव मरीज - नगरीय क्षेत्र में 1467 तथा ग्राम क्षेत्र में 580 लोगों की चेकिंग *संतकबीरनगर, 27 नवम्‍बर 2020।* जिले की मलिन बस्तियों में लगातार सात दिनों तक चले सैम्‍पलिंग अभियान के दौरान कोई भी पॉजिटिव मरीज न मिलने से स्‍वास्‍थ्‍य विभाग का मनोबल बढ़ा है। इस दौरान दो हजार से अधिक जांच के बाद केवल 1 पाजिटिव  मरीज मिला। यह बेहतर संकेत हैं, लेकिन फिर भी सभी लोगों को सावधान रहना होगा। नियमित तौर पर मास्‍क का प्रयोग करें तथा सावधानीपूर्वक शारीरिक दूरी के नियम का पालन करें। यह कहना है मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी डॉ. हरगोविन्‍द सिंह का।  मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मलिन बस्तियों में लगातार सात दिनों तक केन्द्रित तरीके से सैम्‍पलिंग का अभियान चलाया गया। इस दौरान मलिन बस्तियों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सघन मलिन बस्तियों में भी कोरोना जांच की गई। सात दिनों में सभी आरटीपीसीआर और एण्‍टीजन जांच पूरी हो गई है। नगरीय क्षेत्र में 1467 लोगों की कोरोना जांच की गई। जिसमें केवल 1 पाजिटिव मिला, जब‍कि ग्रामीण क्षेत्र में 580 लोगों की चेकिंग की गई, जिसमें कोई पाजिटिव नहीं मिला है। कोरोना के प्रभाव को देखने के लिए रैण्‍डम जांच जारी है। *सरकारी कार्यालयों में की गई जांच* कोविड – 19 मरीजों का पता लगाने के लिए जिला मुख्‍यालय के साथ ही साथ तहसील व ब्‍लॉक मुख्‍यालय के कार्यालयों में भी शुक्रवार को कोविड की जांच की गई। एपीडेमियोलाजिस्‍ट डॉ. मुबारक अली के निर्देशन में चल रही जांच के दौरान जिलाधिकारी कार्यालय, कलेक्‍ट्रेट, विकास भवन, बीएसए, डीआईओएस, लोक निर्माण विभाग कार्यालय तथा अन्‍य कार्यालयों में कोरोना के सैम्‍पल लिए गए। उन्‍होने बताया कि अभी तक कोई पाजिटिव नहीं पाया गया। *शुक्रवार को मिले कुल छह पाजिटिव* कोरोना के शुक्रवार को कुल 6 पॉजिटिव केस पाए गए। वहीं जिले में कुल 36 एक्टिव केस हैं। इनमें दो लोगों कोविड एल वन हास्पिटल में इलाज चल रहा है, जबकि एक बीआरडी और तीन मरीज  लखनऊ में अपना इलाज करा रहे हैं। 30 लोग होम आइसोलेशन में हैं। वहीं जिले में एक मरीज का होम आइसोलेशन समाप्‍त हुआ तथा दो मरीज डिस्‍चार्ज किए गए। *यह सावधानी है बहुत जरुरी* रैपिड रिस्‍पांस टीम के प्रभारी डॉ. ए के सिन्‍हा बताते हैं कि चेहरा बार-बार छूने से यह बीमारी जल्दी फैलती है और यही वजह है जिससे कि आंख और मुंह में यह वायरस आराम से प्रवेश कर सकता है। इसके लिए इस बात का ध्यान रखें कि मॉस्क पहनें। ऐसा करने पर चेहरे को छूने की आदत से बच सकते हैं। हाथों को ज्यादा व्यस्त रखें, जैसे कि कुछ काम कर लिया करें। वहीं खुद को याद दिलाते रहें कि आपको अपने चेहरे को बार-बार नहीं छूना है। बार-बार हाथों को धोते रहें जिससे कि यह याद रहेगा कि हाथों से चेहरे को नहीं छूना है।