प्राइवेट चिकित्‍सकों के यहां इलाज कराने वाले पा रहे  निक्षय पोषण योजना का लाभ
प्रशांत श्रीवास्तव की रिपोर्ट
-       क्षय रोगियों के पोषण के लिए चलाई जा रही है यह योजना , मिलते हैं 500 रुपए -       19 प्राइवेट चिकित्‍सकों के यहां इलाज करा रहे 206 क्षय रोगी ले रहे लाभ *संतकबीरनगर,  19 जनवरी 2021 ।* *केस 1*– खलीलाबाद क्षेत्र के 46 वर्षीय रामसेवक को टीबी है। वह खलीलाबाद के मेंहदावल बाईपास पर एक प्राइवेट चिकित्‍सक के यहां टीबी का इलाज करा रहे है । उनका इलाज कर रहे चिकित्‍सक ने प्राइवेट चिकित्‍सक ने उनके इलाज के बारे में जानकारी जिला क्षय रोग कार्यालय को दी। पिछले 4 माह से उनके टीबी का इलाज भी चल रहा है, साथ ही उनको पोषण भत्‍ता भी प्राप्‍त हो रहा है। *केस 2* – बघौली क्षेत्र की 25 वर्षीया शाजमां को टीबी है। जिला मुख्‍यालय के जीवन पाली क्‍लीनिक पर उनका इलाज डॉ अशरफ अली के निर्देशन मे चल रहा है। उनके चिकित्‍सक ने इस बात की जानकारी क्षय रोग विभाग को दी। उनको दवा के साथ ही साथ निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपए भी मिल रहे हैं। जिससे वे रोग प्रतिरोधक खाद्य पदार्थ लेती हैं।    क्षय रोग उन्‍मूलन कार्यक्रम के जिला कार्यक्रम समन्‍वयक अमित आनन्‍द बताते हैं कि रामसेवक और शाजमां की तरह से संदीप और मेनका समेत 206 क्षय रोगियों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। क्षय रोग का इलाज करवाने वाले मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपए पोषण भत्‍ते के रुप में दिए जाते हैं। यह योजना अप्रैल 2018 में शुरु की गई। ताकि वे पोषक आहार लेकर अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं। ऐसे में जिन मरीजों का इलाज प्राइवेट चिकित्‍सकों के यहां होता है उनको भी 500 रुपए पोषण भत्‍ते का प्रावधान है। इसके लिए चिकित्‍सक को इस बात की जानकारी जिला क्षय रोग कार्यालय को देनी होगी। इस बात की जानकारी देने वाले चिकित्‍सक को भी प्रति मरीज 1000 रुपए प्रदान किए जाएंगे। अगर चिकित्‍सक चाहता है तो उस मरीज की टीबी की दवा भी उसके यहां रखवा दी जाएगी। ऐसे चिकित्‍सक जो किसी टीबी के मरीज का इलाज कर रहे हैं वह इस बात की जानकारी विभाग को अवश्‍य दें। जानकारी को कतई न छिपाएं, ताकि देश को 2025 तक क्षय मुक्‍त बनाया जा सके। साथ ही ऐसे मरीज चिकित्‍सकों से भी कहें कि वह उनके इलाज के बारे में जानकारी विभाग को दें। जनपद में कुल 19 प्राइवेट चिकित्‍सकों के यहां इलाज कराने वाले 206 मरीजों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। *समस्‍या निराकरण के लिए है टोल फ्री नम्‍बर* जिला कार्यक्रम समन्‍वयक बताते हैं कि इस योजना का एक टोल फ्री नम्‍बर 1800-11-6666 भी है। इस नम्‍बर पर लाभार्थियों को होने वाली किसी भी समस्‍या का निराकरण होता है। लाभार्थी अपनी नामांकन संख्‍या देकर वर्तमान स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्‍त कर सकते हैं । साथ ही अगर किसी को योजना के बारे में विशेष जानकारी प्राप्‍त करनी हो तो वह इन नम्‍बरों पर सम्‍पर्क कर सकता है। *मरीजों को मिलना चाहिए योजना का लाभ – डॉ अशरफ अली* प्राइवेट चिकित्‍सक डॉ अशरफ अली बताते हैं कि उनके यहां जो भी मरीज इलाज के लिए आते हैं उनको वे निक्षय पोषण योजना का लाभ जरुर दिलाते हैं। सरकार के द्वारा चलाई जा रही इस योजना का लाभ सभी मरीजों को मिलना चाहिए। चिकित्‍सकों को भी चाहिए कि वह अपने यहां टीबी का इलाज करा रहे लोगों की जानकारी क्षय रोग विभाग को दें। ताकि उनको सरकार द्वारा चलाई जा रही इस महत्‍वाकांक्षी योजना का लाभ मिल सके। *ये लक्षण दिखें तो जरुर करा लें जांच* जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एसडी ओझा ने बताया कि अगर किसी भी व्‍यक्ति के अन्‍दर टीबी के लक्षण मिलें तो वह बिना शर्म के जांच करा ले। इन 6 तरह के लक्षणों को नजरंदाज न करें। दो सप्‍ताह या उससे अधिक समय से खांसी आना। खांसी के साथ बलगम व बलगम के साथ खून आना। वजन का घटना। बुखार व सीने में दर्द, शाम के समय हल्‍का बुखार होना।  रात में बेवजह पसीना आना। भूख कम लगने जैसी समस्‍या है तो अवश्‍य ही अपनी जांच करा लें। जांच के उपरान्‍त समय पर इलाज हो जाने से टीबी ठीक हो सकता है।