गौरवशाली पौराणिक परम्पराओं पुनर्स्थापना हेतु महाराणा प्रताप खिचड़ी महोत्सव का हुआ आयोजन, शेर सिंह राणा मुख्य अतिथि
जिला प्रभारी राजीव कुमार पांडेय की रिपोर्ट
गाजीपुर। रविवार की दोपहर 12 बजे तुलसीपुर के महराना प्रताप भवन में मकरसंक्रांति के उपलक्ष महाराणा प्रताप खिचड़ी महोत्सव का आयोजन किया गया। इस महोत्सव का उद्देश्य आधुनिक युग से विलुप्त होती पौराणिक परम्पराओं को बढ़ावा देना था, मौके पर शेर सिंह राणा अपने भाषण से लोगों को जागृत किए। डालिए एक नजर शेर सिंह राणा के जीवन पर आपको बताते चले की तालिबान के गढ़ में घुसकर पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां लाया था, अफगानिस्तान से अंतिम हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां भारत लाने वाले शेरसिंह राणा ने यह चुनौती तिहाड़ जेल में बंद एक तालिबानी आतंकी द्वारा उड़ाई गई हंसी के बाद स्वीकार की। महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर सोमवार को यहां आयोजित शौर्य यात्रा व आमसभा में शामिल होने आए राणा ने सभा में बतौर मुख्य अतिथि अपनी अफगान यात्रा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब वे सांसद फूलन देवी की हत्या के आरोप में दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैद थे तब अखबार में सम्राट पृथ्वीराज चौहान की समाधि संबंधी एक खबर प्रकाशित हुई थी। उसे पढक़र एक तालिबानी आतंकी ने हंसी उड़ाई थी कि भारतीयों में इतना दम नहीं कि वे अफगान जाकर चौहान की अस्थियां ला सकें। यह बात उनके दिल में घर कर गई और वे जेल से भागे। रांची में संजय गुप्ता के फर्जी नाम से पासपोर्ट बनवाकर ढाका, दुबई होते हुए काबुल पहुंचे। वहां से कंधार गए। स्थानीय लोगों से पत्रकार बनकर मिले और कहा कि वे मोहम्मद गौरी पर डाक्यूमेंट्री बना रहे हैं। वहां रहकर चौहान की समाधि का पता लगाया और अस्थियां लेकर भारत आए। राणा के मुताबिक राष्ट्र के गौरव को बढ़ाने के इस कार्य को पूर्ण करने के बाद से वे बेहद संतुष्ट हैं। क्योंकि उन्होंने जो चुनौती स्वीकार की, उसे पूरा भी किया। उन्होंने मुगल सम्राट बहादुरशाह जफर की देशभक्ति की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी रंगून में उनकी कब्र बनी है। उनकी अस्थियां भी वे लाने का प्रयास करेंगे। इस दिशा में योजना बनाई जा रही है। राणा के मुताबिक राष्ट्रवाद की सोच रखने वाले हर भारतीय के सम्मान की रक्षा की दिशा में वे आगे भी कार्य करते रहेंगे। राजनीतिक दलों द्वारा क्षत्रियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं चलेगा। समाज संगठित होकर अपनी ताकत बढ़ाएगा। क्षत्रियों को आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वे इसके पक्ष में नहीं हैं। समाज को जितनी हिस्सेदारी मिली है, फिलहाल उसका लाभ ही नहीं लिया जा रहा। उन्होंने समाज से शिक्षित बनने का आह्वान किया।