घर बैठे पगार ले रहे ग्राम पंचायतों में तैनात सफाई कर्मचारी
रिपोर्ट पी एन वर्मा ब्यूरो सीतापुर सीतापुर विकासखंड बेटा की 96 ग्राम पंचायतों में लगभग एक सैकड़ा से ज्यादा सफाई कर्मचारियों की तैनाती पूर्व में रही बसपा सरकार द्वारा की गई थी वहीं वर्तमान भाजपा सरकार स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर लाखों रुपए प्रतिदिन खर्च कर रही है लेकिन गांव की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है विकासखंड बेटा की ग्राम पंचायतें दारापुर मंरसन्डा अढमलपुर परसिया जल्लापुर महसी पिडुरिया सेखनापुर अमर नगर सेतुही गौरचौखड़िया हजरतपुर खमरिया सहिजरकला चादीखेडा मोहम्मदपुर उसिया नरना पकौरी हजरत बेहटा रायमडोर और खाना मोड़ पर पर्वतपुर जाल्लेहेपर भिठिया गडौसा मछुआ सिडकिडा आदि गांव में गंदगी का अंबार लगा है नालियां चोक हो गई हैं लेकिन सफाई कर्मचारी ग्राम प्रधानों से अच्छी सांठगांठ करके पेरावल करवा लेते हैं प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 सफाई कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हम लोगों से ₹5000 प्रति माह अधिकारी व प्रधान द्वारा लिया जाता है जिसके एवज में परवल किया जाता है इसके लिए हम लोग अपना अपना निजी व्यवसाय करते हैं 70 परसेंट से ज्यादा सफाई कर्मचारी अपना निजी व्यवसाय करते आपको चौराहों पर नजर आएंगे वहीं एक सफाई कर्मचारी ने बताया नाम न छापने की शर्त पर कि विकास भवन में एक बाबू द्वारा ₹10.000 प्रति ट्रांसफर लिया जाता है लिया जाता है उस पैसे की आवाज में मनमानी ग्राम पंचायत उपलब्ध कराई जाती है गांव में व्याप्त गंदगी को लेकर के क्षेत्र के राम मनोहर राजकिशोर राधेश्याम दीनबंधु परिक्रमा प्रसाद होली जगदीश लल्लन रामप्रकाश राम भजन हरद्वारी मल के संतोष जब्बार शाहिद अली अनवर हुसैन आदि लोगों ने कई बार विकासखंड से लेकर के जिले के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की है लेकिन आज तक अधिकारियों के कान में जूं तक नहीं रेंगी अब देखना यह है कि शिकायतों के बावजूद भी गांव की सफाई न करने वाले व अपना निजी व्यवसाय करने वाले सफाई कर्मियों के परवल कौन करता है और प्रतिमा उनको तनख्वाह कैसे मिलती है