सौर ऊर्जा से उज्ज्वल हो रहा भारत का भविष्य: डॉ०रमापति राम त्रिपाठी
कमलाकर मिश्न की रिपोर्ट
एक नजर- अक्षय श्रोतों से भारत का लक्ष्य 2030 तक 40% बिजली पैदा करना* देवरिया-लोकसभा क्षेत्र देवरिया के सांसद डॉ०रमापति राम त्रिपाठी के विशेष आग्रह एवम भगीरथ प्रयास के पश्चात एम प्लस सोलर कंपनी के प्रतिनिधियों से क्रमशः वार्ता के क्रम में एवम जिलाधिकारी देवरिया अमित किशोर के द्वारा त्वरित कार्यवाही कर लीज पर जमीन उपलब्ध करा 100 मेगावाट की सोलर परियोजना स्थापित करने कि आखिरकार आखिरी मुहर शनिवार को लग गई। शनिवार को इस परियोजना हेतु बैतालपुर क्षेत्र के ग्राम बोड़िया सुल्तान में एम प्लस सोलर कम्पनी द्वारा लीज पर भूमि का एग्रीमेंट भी हो गया। 100 मेगावाट की इस सोलर परियोजना पर 400 करोड़ रुपए खर्च होंगे। लोकसभा क्षेत्र देवरिया के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। देवरिया क्षेत्रवासियों हेतु जनहित के लिए त्वरित कार्यवाही कर भूमि उपलब्ध कराने के लिए सांसद देवरिया ने जिलाधिकारी देवरिया का आभार प्रकट किया है।लोकसभा क्षेत्र देवरिया के सांसद डॉ०रमापति राम त्रिपाठी ने बताया की यह परियोजना क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण और उपयोगी योजना होगी। इस परियोजना से देवरिया में विद्युत की आपूर्ति को सुनिश्चित करेगी जिससे शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी विद्युत व्यवस्था आपूर्ति होगी। निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति से ग्रामीण किसानों को इससे सिंचाई व अन्य कृषि कार्यों में बहुत मदद मिलेगी। साथ ही साथ इस परियोजना के माध्यम से बेरोजगार युवकों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। सांसद त्रिपाठी ने बताया कि केंद्र की मोदी एवं उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रत्येक क्षेत्र में, घरों को प्रकाशित करने के लिए संकल्पित है। चाहे वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय विद्युतीकरण योजना के माध्यम से, या फिर सौर ऊर्जा के माध्यम से। उन्होंने बताया कि अक्षय स्रोतों के माध्यम से भारत का लक्ष्य 2030 तक 40% बिजली पैदा करना है। बिजली के मुकाबले सौर ऊर्जा सस्ते में खरीदी जा सकती है सौर ऊर्जा के सबसे उत्साहवर्धक बात यह है कि यह पर्यावरण ही नहीं अपितु सामान्य व्यक्ति की जेब के लिए भी अच्छी है। आईएफसी ने सौर ऊर्जा को आगे बढ़ाने और उसकी लागत को कम करने में बहुत सहायता किया है। डॉ०त्रिपाठी ने बताया कि शीघ्र ही अन्य और भी परियोजनाएं क्षेत्र में लगाए जाने की योजना है जिससे देवरिया क्षेत्र के बेरोजगार युवकों को अधिक से अधिक रोजगार मुहैया कराया जाएगा।