जिलाधिकारी ने कवियों को स्मृतिचिन्ह भेट कर किया सम्मानित
कमलाकर मिश्र की रिपोर्ट
देवरिया-चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव कार्यक्रम के तहत सायं काल गांधी आश्रम अवस्थित पुराने कचहरी में शहीद रामचन्द्र विद्यार्थी के शहीद स्थल पर ‘‘एक शाम शहीदों के नाम’’ काव्य गोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें नामचीन काव्य हस्तियों ने प्रतिभाग किये। राष्ट्रीय भावनाओं से ओत प्रोत, शहीदों के बलिदान, त्याग, तिरंगे के आन-बान-शान पर आधारित काव्य प्रस्तुतियों से पूरे महफिल में राष्ट्रभक्ति की ऊर्जा संचारित हुई एवं इस कार्यक्रम को भव्यता मिली। काव्य गोष्ठी का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन के साथ प्रभारी/उद्यान राज्यमंत्री श्रीराम *चौहान* , जिलाधिकारी अमित किशोर, पुलिस अधीक्षक डा0श्रीपति मिश्र द्वारा किया गया। प्रभारी मंत्री द्वारा अतिथि कवि गणो का सम्मान शाल ओढाकर पुष्प गुच्छ प्रदान कर किया गया। काव्य गोष्ठी का आगाज सरस्वती वन्दना के साथ किया गया। काव्य प्रस्तुतियों में प्रसिद्व कवि भूषण त्यागी द्वारा ‘‘ऐसे घूंट-घूंट के नही, अपनी सुबह शाम करो आइजे मक्कार है, पत्थर का इन्तजाम करो’’ पर उपस्थित श्रौता के तालियों से पूरा पण्डाल गुंज उठा। प्रसिद्व कवित्री विभा शुक्ला ने ‘‘इस वतन, इस चमन को नमन’’ मुक्तक प्रस्तुत की, जिस पर श्रौता झुम उठे। अम्बेडकर नगर निवासी कवित्री डा0गीता त्रिपाठी द्वारा ‘‘बैरी आंख उठाये जब जब, उसकी आंख फोड देगें’’, कवि शैलेश त्रिपाठी ने ‘‘मदहोश थे सितारे, मौसम था आशिकाना’’ एवं चुनावों पर व्यगांत्मक कविता की प्रस्तुतिकरण किये। कवित्री अनिता पाल सिंह ने ‘‘ है अगर योद्वा, रगो में शक्ति का संचार कर’’ की मुक्तक प्रस्तुत की। कवि सुभाष चन्द्र यादव ‘‘आन बान शान अभिमान रहे भारत का’’, कवि मिन्नत गोरखपुरी ‘‘ वतन है कितना प्यार बताना जानते है हम’’, वसीम मजहर गोरखपुरी द्वारा ‘‘चलो हम सर पर तिरंगा बांध कर निकलें, हमे हिन्दुस्ता की सरहदे आवाज देती है’’, कवित्री निशा राय द्वारा ‘‘राग द्वेष को भूल के, आओ देश राग को गाया जाये, बन्देमातरम-बन्देमातरम नित्य यही दोहराया जाये’’, कवित्री प्रीती गुप्ता ने ‘‘हुंकारती मां भारती हमसे कहती ललकार के’’, कवित्री नीरजा वसन्ती ने ‘‘कर्म पथ पर बढ चले, नित्य कर्म रथ पर कर दिया जीवन समर्पित’’ की काव्य प्रस्तुति को लोगो द्वारा काफी सराहा गया। कवि शिव किशोर तिवारी खंजन ने ‘‘शहीद रामचन्द्र विद्यार्थी राष्ट्रभक्त न्यारे थे’’ मुक्तक पेश कर शहीद रामचन्द्र के बलिदान की शहादत को याद दिलाया। पुलिस अधीक्षक डा0श्रीपति मिश्र ने अपनी बोधमयी व ओजस्वी कविता से काव्य गोष्ठी में समा बांध दिये। उनके मुक्तक ‘‘जिन्दगी पल-पल ढलती है, रेत की तरह फिसलती है’’ पर पूरा पण्डाल तालियों से गुंज उठा। कवि मंच सहित पूरे श्रौता इस काव्य पाठ की सराहना किये। जिला पंचायत राज अधिकारी आनन्द प्रकाश, जो इस कार्यक्रम के मुख्य संयोजक थे, द्वारा प्रस्तुत कविता ‘‘गीत मै प्यार और मनुहार पर लिखता हूॅ, यार की जुल्म या रुखसार पर लिखता हूॅ’’ से पूरे पण्डाल में राष्ट्रभक्ति की भावना जाग उठी। सुप्रसिद्व हास्य कवि अशोक बेशरम की हास्य एवं आलोचनात्मक कवितायें, जहां लोगो को ठहाका लगाने पर मजबुर की, वही समसामयिक विषयों पर लोगो को विचारणीय मुद्रा में भी ला दिया। कवि श्याम त्रिवेदी पंकज द्वारा वीर रस के माध्यम से देश की आन-बान-शान की रक्षा में अपना सबकुछ समर्पण करने वाले सैनिको के बलिदान गाथा को सचित्र वर्णन किया। शायर मकदुम फुलपुरी, कवि जितेन्द्र जलज, जनपद के ही कवि डा0सरोज पाण्डेय, इन्द्र कुमार दीक्षित द्वारा अपनी सारगर्भित कविता प्रस्तुत की गयी। संचालन आजमढ के प्रसिद्व कवि भालचन्द्र त्रिपाठी द्वारा ओजस्वी रुप से किया गया। इस काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता इन्द्र कुमार दीक्षित द्वारा किया गया। जिलाधिकारी अमित किशोर ने सभी अतिथि गणों को स्मृति चिन्ह भेट कर उन्हे सम्मनित किया एवं उनके प्रति आभार व्यक्त किया। काव्य गोष्ठी में प्रमुख रुप से एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज, एसडीएम सदर सौरभ सिंह, ज्वाइन्ट मजिस्ट्रेट सुमित यादव, रुद्रपुर संजीव कुमार उपाध्याय, जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार, क्षेत्राधिकारी श्रीयश त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी गण, प्रबुद्वजन व जनप्रतिनिधि व जन सामान्य आदि उपस्थित रहे।