देवरिया मे हकीम अजमल खान के जन्म दिवस पर यूनानी डे मनाया गया
कमलाकर मिश्न की रिपोर्ट *देवरिया:* जिले मे हकीम अजमल खान के जन्म दिवस पर यूनानी डे मनाया गया। हकीम अजमल खान भारत के मशहूर हकीम, समाज सेवी तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे जिन्होने भारत के यूनानी चिकित्सा के प्रसार तथा भारत की आजादी हेतु अपना तन धन अर्पित कर दिया यूनानी के अवसर पर *डा0जफर अनीस* ने बताया कि हकीम अजमल खान के जन्म दिन को भारत सरकार नेशनल यूनानी दिवस के रूप में हर वर्ष 11 फरवरी को मनाया जाता है यूनानी चिकित्सा पद्धति विश्व की सबसे पुरानी पद्धतियों में से एक है जिसकी शुरूआत हकीम बुकरात *(हिप्पोक्रेट-फादर ऑफ मेडिसिन)* ने की थी जो भारत में घर घर में मशहूर है तथा पुराने जमाने से लेकर अब तक भारतीयों द्वारा इस्तेमाल की जाती रही है तथा भारत सरकार द्वारा मान्य भारतीय चिकित्सा पद्धति है प्रोग्राम की अध्यक्षता करते हुए डा0 गौसूल आजम ने बताया कि यूनानी पद्धति मुख्यत हमयूरल थ्योरी-दम (रक्त) बलगम (कफ) सफरा (पीला प्रित) और सौदा (काला पित) पर आधारित है यूनानी सिद्धान्त के अनुसार मानव शरीर सात प्राकृतिक और बुनियादी तत्वों से निर्मित है जो कि 3 उमूरे तबया कहलाते है शरीर का आस्तित्व इन्ही पर निर्भर है डा0 जेड०हक ने बताया कि यूनानी चिकित्सा पद्धति प्राकृतिक एवम् होलिस्टिक तरीके से प्रत्येक मरीज के व्यक्तिगत मिजाज के हिसाब से रोगो की रोकथाम या इलाज करती है डा०रईस ने बताया कि यूनानी पद्धति शरीर पर कोई गंभीर साइड इफेक्ट नही होता है अतः ये वर्तमान समय की भाग दौड़ भरी जिदंगी से उत्पन्न स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं को दूर करने हेतु सस्ती सर्व सुलभ हानिरहीत चिकित्सा पद्धति है। कार्यक्रम में आये हुए गेस्ट डा0 ए0पी0वर्मा ने बताया यूनानी चिकित्सा में माजून सफूफ, टैबलेट, इत्यादि के रूप में नेचूरल दवाओं तथा हिजामा स्टीम थरेपी, लीच, एक्सर साईज मसाज, फसद, हमाम, ओरमा थरेपी इत्यादि से थरेपी का इस्तेमाल होता है। डा0 तुफेल खान ने बताया कि यूनानी चिकित्सा में स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और रोगो की रोकथाम करने हेतु इलाज बिल गिजा डाइट थरेपी इलाज बिल तदवीर (रजिमेनल थरेपी) इलाज बिल दवा (ड्रग थरेपी) और इलाज बिल मद (सर्जिकल थरेपी) के माध्यम से उपचार किया जाता है डा० मुनीर ने बताया कि चार अंजीर रात में भिगो कर सुबह दुध के साथ लेने पर कब्ज सही हो जाता है और हकीम साहब यूनानी के जनक थे, बैठक में डा0 एम0डी0अन्सारी और यासीन अन्सारी ने बताया कि हकीम साहब सेन्ट्रल कालेज हिन्दुस्तानी दवाखाना तिब्या कालेज, जामिया इस्लामिया आदि सस्थानों की स्थापना कर यूनानी चिकित्सा एवं शिक्षा जगत में नई उचाईयां हासिल की बैठक में डा०हसन फहीम, डा0 शाहिद जमाल, डा0 मैनुद्दीन अंसारी, डा0 इरशाद खान, डा0जफर अनीस, डा0जेडाहक, डा०यासीन अन्सारी, डा०शमी अखतर, डा0 इकबाल अन्सारी, डा0असलम, डा0असरफ सिद्धी, डा०आरीफ, डा०शरफराज वारसी, डा0 मारूफ, डा0 रब, डा० एम०अन्सारी डा0 ए0पी0 वर्मा, डा०मनीर अहमद, डा0 समसुजमा, डा0 रहमान, डा०सादीक, डा0 गौसुल आजम, डा0 रईस, डा0 जमाल अहमद, डा0 अबरार, डा0 आरीफ अली, डा0 फैज, डा0 इरफान वेग, डा0 ताजुदीन, डा0 खालीद अखतर डा0 निजाम डा0 भीसवाह, डा0 सरवत लारी आदि डाक्टर्स मौजूद थे।