ग्रामीण महिलाओं ने सीखे क्रश अवशेषों से उन्नत इंजन बनाने उपाय
रिपोर्ट पी एन वर्मा ब्यूरो सीतापुर
सीतापुर कृषि विज्ञान केंद्र कटिया सीतापुर द्वारा जनपद में संचालित सीट डिवीजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की परियोजना ग्रामीण महिला तकनीकी पार्क के अंतर्गत इस वर्ष के तीसरे बैच का प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है इस परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं हेतु कृषि आधारित उधमिता विकास कृषि एवं अन्य कार्यों में लगने वाले शम को कम कर क्षमता विकास क्रश अवशेषों का प्रबंधन कर उन्नति लंका निर्माण आदि पर विशेष 15 दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण के बी के कटिया द्वारा आयोजित किए जाते हैं प्रशिक्षण में महिलाओं ने गुरु अवशेषों के प्रबंधन हेतु ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में खेतों से निकलने वाले खरपतवार झाडू तथा अन्य ईंधन में प्रयोग ना होने योग्य अवशेषों को विशेष उपकरण में जलाकर चारकोल में बदलने की तकनीक पर योगिक ज्ञान व कौशल प्राप्त किया कृषि अवशेषों से बने एक्टिव चारकोल से धुआं रहित कुंदन बनाने के लिए पावर चलित मशीन एवं ग्रामीण इलाकों में अक्सर बिजली ना रहने की स्थिति में हाथ से ही उन्नति बनाना प्रशिक्षु महिलाओं ने विशेषज्ञ से सीखा कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ आनंद सिंह ने बताया कि इस परियोजना में स्वयं सहायता समूहों में संगठित ग्रामीण महिलाओं का चयन प्रशिक्षण हेतु किया जाता है जिसमें से वह समूहों को स कार की ओर से मिलने वाली सहयोग राशि आपसी बचत का सही इस्तेमाल कर समूह आधारित उधमिता की ओर कदम बढ़ा सकें उन्होंने आगे कहा कि किसी भी उम्र को शुरू करने के लिए तीन चीजों की आवश्यकता होती है श्रम पूंजी एवं सही जानकारी ग्रामीण महिलाओं के पास समूहों में संगठित होने के कारण श्रम व पूंजी तो है पर तकनीकी ज्ञान के अभाव में वह आगे नहीं बढ़ पा रही हैं इस दिशा में महिलाओं का सहयोग करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र सदैव प्रयासरत है केंद्र की ग्रह वैज्ञानिक व परियोजना की प्रधान श्रीमती सौरभ ने बताया कि इस बैच के प्रशिक्षण में ग्राम जलालपुर व शहरी सराय इन के पूर्व के महिलाओं महिला समूहों की 25 महिलाएं केंद्र पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं उन्होंने बताया कि इस तकनीकी से बेहद कम लागत में धुआं रहित इंदन घर बड़े ही आसान तरीके से बना कर स्वयं के प्रयोग हेतु या बाजार में बिक्री हेतु तैयार किया जा सकता है महिलाओं ने इस उन्नति का प्रयोग करके अथवा रहित चूल्हा में भोजन पका कर भी देखा प्रशिक्षण के आयोजन एवं डेमोंस्ट्रेट प्रबंधन में केंद्र के वैज्ञानिक डॉ दयाशंकर श्रीवास्तव डॉ आनंद सिंह डॉक्टर शशिकांत सिंह श्री शैलेंद्र कुमार सिंह द्वारा विशेष सहयोग दिया जा रहा है साथ ही बाहर से भी एक्सपोर्ट्स को ऑनलाइन मीनार के माध्यम से आमंत्रित कर महिलाओं से वार्ता व प्रश्नों का प्रयोग तो समाधान करने का प्रयास किया जाए हा है