शिकायती सन्दर्भो का निस्तारण प्राथमिकता के साथ करें अधिकारी-डीएम
कमलाकर मिश्न की रिपोर्ट
देवरिया- जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन कलक्ट्रेट सभागार में निर्वाचन, कृषक दुर्घटना बीमा योजना, खनन, बाढ राहत कार्यो, मण्डी समिति, आईजीआरएस निस्तारण आदि कार्यो की गहन समीक्षा की एवं अधिकारियों को कार्यो को समयबद्धता के साथ सुनिश्चित कराये जाने का निर्देश दिया। कहा कि जिस कार्य की जो टाइमलाइन निर्धारित है उसके अनुरुप ही उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित कराये, इसमें किसी भी दशा में कोई लापरवाही कदापि न बरते अन्यथा जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी श्री निरंजन निर्वाचन कार्यो के समीक्षा के दौरान ई-एपिक अपलोडिंग कार्य को शतप्रतिशत 14 मार्च तक अनिवार्य रुप से पूर्ण कराये जाने का निर्देश देते हुए कहा कि रोस्टर बनाकर बूथवार बीएलओ एवं लेखपालो को इसके लिये लगाये। उन्होने प्रत्येक बूथो कम से कम 5 आवेदन फार्म-6 व 7 के अनिवार्य रुप से लिये जाने के निर्देश दिये। कहा कि किसी भी दशा में किसी बूथ पर शून्य की स्थिति नही होनी चाहिये। कृषक दुर्घटना बीमा योजना के समीक्षा में जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तहसीलवार यह सूची रखें कि उनके क्षेत्रान्तर्गत कितनी पत्रावलियां लम्बित है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व उमेश कुमार मंगला ने बताया कि 324 दावे पत्रावलियां इस योजना के तहत प्राप्त हुई, जिसमें से 294 स्वीकृत कर ली गयी है, 141 प्रकरणों का भुगतान धनराशि 705 लाख का भुगतान किया जा चुका है। 56 दावे स्वीकृति के प्रचलन में है। अभी स्वीकृत 108 प्रकरणों के भुगतान के लिये बजट डिमाण्ड किया गया है। जिलाधिकारी ने इसके लिये बजट डिमाण्ड हेतु अनुस्मारक पत्र भेजने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने खनन अधिकारी को ईट भट्टो की सूची अद्यतन किये जाने को कहा। बाढ खंड की बैठक में स्टेयरिंग कमेटी की बैठक बुलाये जाने का निर्देश अधिशासी अभियंता बाढ एन के नाडिया को दिया। बताया गया कि नये 9 प्रोजेक्ट स्वीकृत है, 7 में टेन्डर की कार्यवाही हो गयी है, अनुबंध की प्रक्रिया में है। 2 पायलट प्रोजेक्ट है, जिसमें टेन्डर की कार्यवाही अभी होनी है। इन कार्य परियोजनाओं के लिये राज्य सेक्टर से 76 करोड की धनराशि स्वीकृत हुई है। जिलाधिकारी ने इन कार्य परियोजनाओं की सूची बनाकर उप जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराये जाने का निर्देश दिया। उन्होने उपायुक्त मनरेगा एवं अधिशासी अभियंता बाढ को आपसी समन्वय के साथ बंधों पर छोटे छोटे कार्यो को मनरेगा से कराये, जिससे कि बंधो में मजबुती रहे और कटान आदि की स्थित न होने पाये। उन्होने उप जिलाधिकारियों को इन कार्य परियोजनाओ का निरीक्षण किये जाने को कहा। बाढ एवं दैवीय राहत कार्यो के दौरान उन्होने निर्देश दिया कि जो भी आडिट आपत्तियां है, उन्हे वित्तीय गंभीर एवं सामान्य श्रेणी में चिन्हित कर उसका निस्तारण सुनिश्चित कराये जाये। मण्डी समिति की जायजा में उन्हे बताया गया कि किसान भवन एवं कैंटिन का निर्माण कार्य चल रहा है। पुराने 54 दुकानो में मरम्मत का कार्य भी चल रहा है। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर सौरभ सिंह को इसका निरीक्षण किये जाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने आईजीआरएस एवं शिकायती सन्दर्भो के डिफाल्टर प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा के तहत अधिकारियो को निर्देश दिया कि किसी भी दशा में किसी भी विभाग में डिफाल्टर की श्रेेणी में प्रकरण नही होनी चाहिये। अपर जिलाधिकारी प्रशासन इसका अनुश्रवण करें और यदि अगले समीक्षा में यदि किसी विभाग में डिफाल्टर प्रकरण पाये जायेगें तो संबंधित अधिकारी का वेतन बाधित करने की कार्यवाही की जायेगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन कुवर पंकज, ज्वाइन्ट मजिस्ट्रेट सुमित यादव, सीआरओ अमृत लाल बिन्द, सीएमओ डा0 आलोक पाण्डेय, उप जिलाधिकारी सदर सौरभ सिंह, सलेमपुर ओम प्रकाश, भाटपाररानी ध्रुव कुमार शुक्ला, जिला विकास अधिकारी श्रवण कुमार राय, डीसी मनरेगा गजेन्द्र त्रिपाठी, डीपीआरओ आनंद प्रकाश, डीएसओ विनय कुमार सिंह, विद्युत, मण्डी, खनन सहित जुडे विभागो के अधिकारी व खंड विकास अधिकारी गण आदि उपस्थित रहे।