आखिर क्यो लेखपाल सुनेंद्र वर्मा बचाने में लगा है तहसील प्रशासन
रिपोर्ट पी एन वर्मा ब्यूरो सीतापुर
सीतापुर लहरपुर बताते चले पिछले दिनों लहरपुर तहसील में तैनात लेखपाल सुनेंद्र वर्मा का एक घूस लेते हुए वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उपजिलाधिकारी ने विडियो की जांच लहरपुर तहसीलदार मदन मोहन को सौंप दी थी जिसकी जांच में बताया गया कि वीडियो में साफ नहीं दिख रहा है कि लेखपाल ने पैसा लिया और लेखपाल के द्वारा अन्य आस पास के लोगों से लेखपाल सुनेंद्र वर्मा के पक्ष शपथ पत्र देकर बताया कि पैसा लेखपाल के द्वारा नही लिया गया है जबकि वीडियो में साफ देखा व सुना जा सकता है कि कालिका पुत्र मुन्नू निवासी दारानगर तहसील लहरपुर लेखपाल सुनेंद्र वर्मा को कुछ रुपये देता है औऱ कहता कि बाबू जी बस इतने ही पैसे है जो कि वीडियो सुना भी जा सकता है उन पैसो को लेखपाल के द्वारा अपनी जेब में रख लेता है क्यों लेखपाल सुनेंद्र वर्मा ने लिये थे कालिका से पैसे दारा नगर निवासी कालिका के द्वारा अपने घर के पास चक मार्ग नपवाने चाह रहा रहा था जोकि चक्मार्ग न तो कागज औऱ न ही नक्से में दर्ज था कालिका के द्वारा लेखपाल से मिल कर कुछ पैसे देकर करीब दो मीटर का चकरोट दूसरे के खेत मे नाप दिया जो कि पूरी तरह से गैर कानूनी है आखिर क्यों दिए गए लेखपाल को बचाने के लिये अन्य लोगों के शपथपत्र लेखपाल सुनेंद्र वर्मा को राजनीति संरक्षण के व भूमाफिया की सांठ गांठ के चलते मजबूत पकड़ रखता है जिससे वह अपने क्षेत्र के कुछ चन्द लोंगो व भूमाफिया मिल कर जिनकी वह अवैध कब्जेदारी में मदद करता था उन्ही लोंगो के द्वारा लेखपाल ने शपथ पत्र दिलवा दिया गया अगर लेखपाल सुनेंद्र वर्मा का वायरल वीडियो की निष्पक्षता से जाँच की जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो सकता है अगर ऐसा नहीं हुआ तो कैसे लगेगा योगी सरकार में घूस खोरी और भ्रष्टाचार पर लगाम यह देखने योग्य है . संवाददाता अनुराग दिक्षित