प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को किसान दिवस बैठक का आयोजन
**कमलाकर मिश्न की रिपोर्ट** देवरिया - जिलाधिकारी के निर्देशानुसार प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को किसान दिवस बैठक का आयोजन आज जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन की अध्यक्षता में गांधी सभागार, विकास भवन, देवरिया में किया गया। सबसे पहले डा0 ए0के0 मिश्रा, उप कृषि निदेशक, देवरिया ने बताया कि विगत वर्ष कोविड-19 महामारी के कारण बैठक स्थगित कर दिया गया था जिसके बाद अब बैठक पुनः जिलाधिकारी की अनुमति से आयोजित कराया गया है। बैठक में जिलाधिकारी को उपस्थित किसान संगठनों के प्रतिनिधियों एवं उपस्थित किसान भाइयों द्वारा पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया। उप कृषि निदेशक द्वारा बताया गया कि जनपदमें मुख्यतः दो फसलें रबी एवं खरीफ की फसलें बोई जाती है। जायद एवं तिलहनी फसलों पर विभाग द्वारा प्रयास किया जा रहा है इस हेतु सोयाबीन का जनपद में प्रदर्शन कराया गया है और काला चावल की बुवाई कराई गई है। गेंहूं बीज में एच0डी02967 के स्थान पर करूण वन्दना नामक प्रजाति के बीज मंगाने की तैयारी की जा रही है। इस बैठक में सभी विभागों यथा कृषि, गन्ना, मत्स्य, उद्यान, पशुपालन, नाबार्ड आदि विभागों द्वारा संचालित सभी लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है। किसान भाई जानकारी प्राप्त कर अपने ग्राम के किसानों को भी योजनाओं की जानकारी दें जिससे सभी कृषक लाभान्वित हो सके। कृषि विभाग में चलाई जा रही समस्त योजनाआंे की जानकारी देते हुए कहा गया कि किसान भाई जैविक खेती करें तभी रसायनमुक्त अनाज उगा सकते हैं। इस वर्ष कृषकों के द्वारा फसल अवशेष को भूमि में मिलाने वाले कृषि यंत्रों का अधिक क्रय किया गया है जिस पर विभाग द्वारा अनुदान भी दिया गया है इससे फसल अवशेष जलाने में काफी कमी आयेगी। उप कृषि निदेशक द्वारा कृषि यंत्रों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि एन0एफ0एस0एम0 योजना के अन्तर्गत लक्ष्यानुसार कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया गया है। इसके अतिरिक्त किसानों को आसानी से बीज क्रय किये जाने की सुविधा हेतु जनपद में मल्टीपरपज बीज गोदाम का भी निर्माण कराया गया है जहां से किसान भाई बीज क्रय कर सकते हैं। संजय तिवारी, अध्यक्ष, भारतीय किसान मोर्चा ने जनपद में किसानों की समस्याओं को रखते हुए कहा कि जनपद एक ही चीनी मिल है और वह भी बन्द होने की कगार पर है क्योंकि किसानों का भुगतान समय से नहीं होता है। विभागों द्वारा जो भी योजनाएं चलाई जाती हैं वह गांवों के किसानों तक नहीं पहुंच पाती है और जानकारी भी नहीं हो पाती है इसके लिए जनपद में कुछ ग्रामों का चयन कर माॅडल के रूप में खेती कराई जाय। जिससे कृषक देखकर आगे बढ़ सके। किसान दुर्घटना बीमा के सम्बन्ध में अनुरोध किया गया कि जिन कृषकों का भुगतान लम्बित हों उन्हें समय से मिल जाय इसके लिए सम्बन्धित विभाग को निर्देश देने का कष्ट करें तथा इसका ग्राम स्तर पर प्रचार-प्रसार भी कराया जाय कि किसान दुर्घटना बीमा का लाभ पाने के लिए किसान क्या कार्यवाही करे अथवा कहां सम्पर्क करें। जनपद में आवारा पशुओं एवं वनरोज के लिए कोई योजना बनाई जाय जिससे फसलों को नुकसान न होने पाये। जनपद में मृदा परीक्षण की व्यवस्था को ठीक कराया जाय और किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अन्तर्गत किसान बैंक जाते हैं परन्तु बैंक कर्मचारी द्वारा समस्या बताकर वापस भेज देते है और समय से के0सी0सी0 नहीं बनाया जाता है इस पर भी बैंक के0सी0सी0 बनाने हेतु निर्देश जारी किया जाय। इसके अतिरिक्त जनपद के 75 प्रतिशत खेतों की सिंचाई ट्यूबवेल के माध्यम से की जाती है परन्तु ज्यादातर ट्यूबवेल की नालियां टूटने के कारण पानी हेड से टेल तक नहीं पहुंच पाता है। राघवेन्द्र प्रताप शाही, अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि कृषि यंत्र के लिए टोकन की नई व्यवस्था के अन्तर्गत एक ही ग्राम में लाभार्थी ज्यादा हो जा रहे हैं अन्य ग्रामों के किसान लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं। इस व्यवस्था को विकास खण्डवार किया जाय जिससे सभी विकास खण्ड के किसान लाभान्वित हो सके। मारकण्डेय सिंह, भा0कि0यू0 ने कहा कि जनपद में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत फसल नष्ट होने पर भी क्षतिपूर्ति नहीं दिया जाता है। जनपद में विद्युत तार ज्यादातर लटके हुए हैं जिन्हें टाईट कराया जाय अन्यथा कोई दुर्घटना हो सकती है। श्री वेदव्यास सिंह, निदेशक, पूर्वांचल पोल्ट्री प्रोड्यूसर कम्पनी प्राईवेट लिमिटेड ने उपस्थित सभी किसानों को एफ0पी0ओ0 से लाभ के बारे में बताया कि भारत सरकार ने एफ0पी0ओ0 को क्लस्टर बनाकर खेती कराने हेतु दिया जा रहा है इसलिए ज्यादा से ज्यादा किसान भाई एफ0पी0ओ0 बनायें। जिलाधिकारी श्री निरंजन ने उपस्थित किसानों को बताया कि जनपद-देवरिया कृषि आधारित है जहां जनपद के ज्यादा किसान रोजगार के लिए खेती पर निर्भर हैं। जनपद में मुख्यतः दो ही फसलें रबी और खरीफ की खेती की जाती है इसके लिए किसान और अधिकारी को मिल कर रणनीति बनानी पड़ेगी तभी जनपद में अन्य फसलें का उत्पादन भी हो सकेगा। किसान दुर्घटना बीमा के भुगतान विलम्ब से न हो इसके लिए सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया गया तथा इसके बारे में प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिये गये। जनपद में वनरोज की समस्या है इस पर विस्तार से चर्चा की जायेगी और इसका समाधान निकाला जायेगा। जनपद में प्रदर्शन के बीजों की उपलब्धता समय से कराई जाय। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियन्ता को निर्देशित किया गया कि जहां भी तार लटके हुये हैं और उससे दुर्घटना हुई है वहां पर प्रथम चरण में एल0टी0 का कार्य करा लिया जाय। जनपद के उपस्थित किसान बन्धुआंे को प्राकृतिक खेती करने हेतु अनुरोध किया गया। अंत में जिलाधिकारी द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 लगभग समाप्ति पर है इसलिए सभी अधिकारी अपने-अपने विभाग का आवंटित धनराशि के सापेक्ष व्यय शत-प्रतिशत पूर्ण कर लें। किसान बैठक में उप कृषि निदेशक, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी,, उप क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, जिला विकास प्रबन्धक, नाबार्ड, दिग्विजय नाथ सिंह, सलाहकार, संजय तिवारी, अध्यक्ष किसान मोर्चा, नवीन शाही, प्रगतिशील कृषक, मारकण्डेय सिंह, राघवेन्द्र प्रताप शाही, भा0कि0यू0 व अन्य कृषक गण किसान दिवस में उपस्थित थे।