महिला दिवस के पूर्व संध्या पर पेंटिंग प्रदर्शनी के माध्यम से महिलाओं को किया गया जागरूक
कमलाकर मिश्न की रिपोर्ट
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व संध्या पर जनपद न्यायालय के ए0डी0आर0 सेन्टर पर नारी शक्ति एवं स्वावलंबन पर गोष्ठी का आयोजन करते हुए महिलाओं के सामाजिक उत्थान हेतु नारी शक्ति एवं स्वावलंबन पर प्रदर्शनी पेंटिंग लगाकर महिलाओं को जागरूक किया गया। पेंटिंग प्रदर्शनी में नारी स्वावलंबन, नारी ममत्व, नारी हेतु शिक्षा, सामाजिक अवचेतना, कोविड-19 के बचाव में नारी का योगदान चिकित्सक एवं नर्स के रूप में, नारी सम्मान, भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा आदि बिंदुओं प्रदर्शनी लगायी गयी। जनपद न्यायाधीश द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया द्वारा किये जा रहें कार्यो का सराहना करते हुये कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं के प्रति सम्मान, नारी स्वावलंबन व सामाजिक अवचेतना पर आमजनमानस जागरूक होगा। उन्होंने कहा अभी पूर्व में राष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर पर महिलाओं के जज्बों को सम्मानित किया गया था पुनः अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर महिलाओं के सम्मान के प्रति समस्त आमजनमानस को एक साथ आगे आने आह्वान किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के सचिव की पहल पर न्यायालय में कार्यरत महिला पुलिस कर्मी प्रियंका यादव जो अपने 3 वर्ष के बेटे के साथ अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही हैं उनको जनपद न्यायाधीश ने पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया। महिलायें जिनमें न्यायालय महिला कर्मी, महिला शिक्षा विद, महिला अधिवक्ता, महिला पुलिस कर्मी, विधि के विद्यार्थी तथा विभिन्न आयामों से जुड़ी महिलाओं के सम्मान हेतु आमजनमानस को जागरूक किया गया। जनपद न्यायाधीश ने इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं के प्रति सम्मान, सामाजिक अवचेतना और नारी सशक्तिकरण पर आमजनमानस को जागरूक किया। उन्होंने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुये अपने लक्ष्य के प्रति तटस्थ रहने की बात बतायी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के सचिव न्यायाधीश शिवेन्द्र कुमार मिश्र ने कहा कि अंतराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर नारी सम्मान तथा नारी स्वावलंबन हेतु उनका सम्मान कर महिलाओं को जागरूक किया गया। पीड़ित महिलाओं हेतु जनसुनवाई आयोजित की गयी तथा मौके पर ही दो वादों साधना दूबे एवं मालती देवी के समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया गया। उन्होंने कहा कि महिलायें अपने अद्धभुत साहस, अथक परिश्रम तथा दूरदर्शी बुद्धिमता के आधार पर विश्व में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहीं हैं। महिलाओं ने हमेशा से ही एक श्रमिक के रूप में, एक माॅ के रूप में तथा एक अच्छे नागरिक के रूप में अपनी भूमिका का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया हैं। नारियों में अपरिमित शक्ति और क्षमताएं विद्यमान हैं, व्यावहारिक जगत के सभी क्षेत्रों में उन्होंने कई महत्तम कीर्तिमान स्थापित किये हैं। चाहे देश की सुरक्षा हो, विज्ञान हो, खेल हो, समाज सेवा हो, चिकित्सा हो, राजनीति हो, अपने देश के प्रति आर्थिक योगदान हो हर क्षेत्र में नारी ने अपना स्मरणीय योगदान दिया हैं। इस अवसर बाल कल्याण अधिकारी जयप्रकाश तिवारी ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया ने न्याय चलना निर्धन के द्वार को जीवंत कर महिलाओं को व्यापक स्तर पर जागरूक करने का कार्य किया। बी0आर0डी0 पी0जी0 काॅलेज देवरिया की सहायक प्रवक्ता भावना सिंह ने महिला दिवस पर स्वयं के आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया तथा कहा कि यदि महिलाओं को अवसर दिया जाये तो समाज में अपनी एक अलग पहचान बना कर देश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभा सकती हैं। उ0प्र0 जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की अध्यक्षा तथा प्रधानाचार्या हेमा त्रिपाठी ने कहा कि आज महिलायें हर क्षेत्र में बढ-चढ कर हिस्सा ले रही हैं जो समाज के लिए अच्छा संकेत हैं। उन्होंने आह्वान किया कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाये, कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रह जायें। शिक्षा में बेटों-बेटीयों में अंतर न करें। इस अवसर पर मुख्य रूप से महिला कल्याण अधिकारी साधना चतुर्वेदी, वन स्टाप सेंटर की मैनेजर नीतू भारती, काउंसलर मीनू जायसवाल, अनुराधा मिश्रा, दिलाशा सिंह, पूजा कुमारी, वंदना सिंह, चाॅदनी मिश्र, महिला विद्वान अधिवक्ता जिनमें रेशमा चैरसिया, सलमा खातून, आभा श्रीवास्तव, अन्या विश्वकर्मा, वीनू वर्मा, रीता पाण्डेय, सुमित्रा पाण्डेय, नेहा विश्वकर्मा, आशा पाण्डेय, अंशु मिश्र, सरिता सिंह, रंजू गौड़, विधि छात्र जागृति सिंह, प्रीति मल्ल, ज्योति सिंह व अन्य सम्मानित महिला उपस्थित रहीं।