सावधान ! मिलावटी खोया, पनीर, दूध, घी की बेखौफ बिक्री
कृपा शंकर यादव की रिपोर्ट। गाजीपुर। उत्तर प्रदेश उपभोक्ता कल्याण परिषद गाजीपुर के चेयरमैन मयंक कुमार सिंह ने हेल्थ को लेकर चिन्ता जाहिर किया, होली का मतलब होता है तरह-तरह के रंग और स्वादिष्ट मिठाई उत्तर भारत में इस त्यौहार को बहुत ही गर्मजोशी के साथ मनाया जाता है विभिन्न प्रकार की मिठाइयों के बिना त्यौहार का आनंद ही पुकारा जाता है हालांकि होली के समय हमें मिठाई खाने में थोड़ी सतर्कता वर्तनी जरूरी होती है गुजिया ठंडाई ,खोया, बर्फी जैसी स्वादिष्ट मिठाई डिशेज देखकर मन ललचा जाता है इसलिए चाह कर भी हम खुद को रोक नहीं पाते हैं ।गुजिया, उत्तर भारत में होली के मौके पर बनाया जाने वाला मुख्य स्वीट डिश है यह मिठाई मैदा से तैयार की जाती है इसमें सूची और खोया को भरकर बनाया जाता है इसका साथ बढ़ाने के लिए इसमें केसर और ड्राई फूड का भी इस्तेमाल किया जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी खुशी में भरा जाने वाला खोया नकली हो सकता है जी हां होली जैसे कुछ मुख्य त्योहारों से कुछ दिन पहले ही मिलावटी खोया पनीर छेना घी दूध मिलने लगता है । कैसे बनाया जाता है नकली खोया स्किम्ड दूध और पाम आयल को मिलाकर पेस्ट तैयार किया जाता है तेजाज पर उसे उबाला जाता है फिर से फ्लाइट नामक केमिकल उबले आलू अरारोट शकरकंद मिलाकर तैयार किया जाता है असली दिखने के लिए और रंग और एसेंस का इस्तेमाल किया जाता है। खोया के मिलावट को कैसे पकड़े खोया को उंगली से मसल कर उसकी गुणवत्ता पता की जा सकती है मिलावटी खोया दानेदार, रूखा -सुखा होता है शुद्ध खोया में चिकनाई होती है हालांकि खोया में केमिकल या रिफाइंड मिलाने से उसमें भी चिकनाई नजर आती है दूसरा तरीका यह भी है कि खोया को अपने अंगूठे के नाखून पर रख दें अगर यह सिद्ध होगा तो उससे भी की खुशबू आएगी और देर तक रहेगी अगर रगड़ने पर खोया फटने लगे तो समझ जाइए कि नकली है 2 ग्राम खोया को 5 मिलीग्राम गर्म पानी में घोलकर ठंडा होने दें ठंडा होने पर इसमें आयोडीन सॉल्यूशन डाले खोया मिलावटी होगा तो उसका रंग नीला हो जाएगा थोड़ी चीनी डालकर गर्म करें अगर पानी छोड़ने लगे तो समझिए खोया नकली है। जान सकते हैं आप असली और नकली दूध का फर्क नकली दूध की पहचान करने के लिए उसे सूंघें। अगर आपको लगता है कि दूध से साबुन जैसी महक आ रही है, तो दूध सिंथेटिक यानी कि नकली है। जबकि असली दूध से ऐसी कोई गंध नहीं आती।आपको बता दें कि दूध असली है तो उसका स्वाद मीठा होगा, लेकिन अगर नकली दूध है तो इसका स्वाद मीठा नहीं बल्कि कड़वा होगा।दूध में पानी की मिलावट की पहचान आप इस तरह से कर सकते हैं। दूध की कुछ बूंदें फर्श पर गिरा कर देखें, अगर दूध बहने लगता है और सफेद धार का निशान बनता है, तो दूध में पानी की कोई मिलावट नहीं है।हम आपको ये भी बता दें कि असली दूध को अगर आप अपने हाथों में लेकर रगड़ेंगे तो उसमें कोई चिकनाहट नहीं होगी। लेकिन अगर आपक नकली दूध को रगड़ेंगे तो डिटरजेंट जैसी चिकनाहट महसूस होगी।असली दूध को जब आप उबालेंगे तो उसका रंग नहीं बदलेगा। जबकि नकली दूध को उबालने पर उसका रंग हल्का पीला पड़ जाता है।पनीर में मिलावट: पनीर को पानी में उबालकर ठंडा कर लें। इसके बाद इसमें थोड़ा-सा आयोडीन सॉल्यूशन डालें, नीला रंग स्टार्च की मिलावट साबित कर देगा। देसी घी में आलू, अरारोट और रिफाइंड भी मिलाया जाता है। इससे घी का स्वाद बदल जाता है। साथ ही, ज्यादा दानेदार भी नहीं होता। शरीर आपका धन है खरीदने से पहले किसी भी खाद्य वस्तु या अन्य सामान को जांच परख जरूर लेना चाहिए।