भगवान श्री कृष्ण की कथा सुन आनंदित हुए श्रद्धालु
*रिपोर्ट -प्रशांत श्रीवास्तव मेहदावल संत कबीर नगर* मेहदावल /संत कबीर नगर - संत कबीर नगर जनपद के मेहदावल तहसील के अन्तर्गत करमैनी मे चल रहे श्री श्री रुद्र महा यज्ञ के चौथे दिन श्रीमद भागवत कथा में वृंदावन धाम से आए हुए कथा वाचक यशोदा नंदन जी महाराज के द्वारा भक्तो को श्री कृष्ण लीला की कथा को सुनाया गया । कथा वाचक यशोदा नंदन ने श्रद्धालुओं को भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की कथा सुनाई। कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि जब धरती पर अत्याचार बढ़े,तब भगवान ने धरा पर जन्म लेकर आतातियों का संहार किया।द्वापर युग में जब धरती पर अत्याचार बढ़ने लगे तो धरती ने सभी देवताओं के साथ जाकर भगवान विष्णु से प्रार्थना की कि मुझसे अब और पापियों का भार सहन नहीं होता। इससे पूरी धरा कष्टमयी हो गई है। प्रभु से प्रार्थना है कि वो दुष्टों का नाश करने के लिए धरा पर अवतरित हों। भगवान ने सभी देवताओं की प्रार्थना को सुन कर धरती पर जन्म लिया।कथावाचक ने कहा कि भगवान के जन्म से पूर्व उनके माता-पिता ने कारावास में कंस द्वारा दिए गए यातनाओं को सहा, जिसके बाद भगवान ने आधी रात के समय कारावास में ही जन्म लिया। भगवान के जन्म के कुछ क्षणों के पश्चात ही उनके पिता नंद उनको एक टोकरी में डाल कर यमुना नदी के माध्यम से वृंदावन में यशोदा मइया को सौंप दिया। यमुनानदी से गुजरते समय अचानक से नदी में उफान आ गया, जिस कारण भगवान के पिता नंद घबरा गए, लेकिन नदी चाहती थी कि भगवान के चरण स्पर्श कर उनका स्वागत करे। धीरे-धीरे नदी बढ़ती गई। भगवान ने टोकरी से अपना पांव नीचे किया, जिस कारण यमुना का स्पर्श मिलते ही नदी शांत हो गई। कथा को सुनने के लिए के लिए करमैनी के साथ साथ अन्य गाँवो से श्रद्धालु उपस्थित रहे।