घबराए नहीं नियमित रूप से दवा लेने पर दूर होगी टीवी जैसी भयंकर मर्ज
रिपोर्ट पी एन वर्मा ब्यूरो सीतापुर सीतापुर। यदि आपको कुछ दिनों से खांसी आ रही है, भूख नहीं लग रही और आपका वजन भी लगातार कम हो रहा है, तो आपको तुरंत किसी डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, क्योकि यह लक्षण टीबी (क्षय रोग) के हो सकते हैं, और संभव है कि आप इस बीमारी की गिरफ्त में हों। टीबी एक संक्रामक बीमारी है जो बीमार व्यक्ति से सेहतमंद लोगों में भी फैल सकती है। टीबी जैसी संक्रामक बीमारी अब भले ही लाइलाज न हो लेकिन लोगों में जागरुकता के अभाव में इस बीमारी से देश में तीन मिनट में दो और प्रतिदिन करीब एक हजार लोगों की मौत होती है। जिला टीबी ऑफिसर डॉ. मुसाफिर यादव ने बताया कि खांसी देखने में आम है लेकिन लगातार तीन हफ्ते से अधिक है तो सावधान। यह एक ऐसा संक्रामक रोग है, जो माइक्रो बेक्टीरियम ट्यूबरक्लोई नामक बैक्टीरिया की वजह से होता है। यह बैक्टीरिया शरीर के सभी अंगों में प्रवेश कर उसे रोग ग्रसित कर देता है।उन्होंने बताया कि 21 दिनों से अधिक खांसी टीबी हो सकती है। सरकार की ओर से टीबी पीड़ितों की जांच व उनका इलाज नि:शुल्क होता है। लोगों को इसके प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। टीबी के मरीजों में आई कमी जिला टीबी ऑफिसर डॉ. मुसाफिर यादव ने बताया कि जिले में वर्ष 2019 के मुकाबले वर्ष 2020 में टीबी के मरीजों की संख्या में कमी आई है। वर्ष 2019 में जिले में टीबी के कुल 12,905 मरीज थे, जोकि वर्ष 2020 में घटकर मात्र 10,875 रह गए। इनसेट अभियान के दौरान मिले 311 मरीज जिला टीबी ऑफिसर डॉ. मुसाफिर यादव ने बताया कि बीती दो से 12 जनवरी के मध्य चलाए गएं सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान के दौरान कुल 3,497 लोगों के बलगम की जांच की गई, जिसमें से 311 लोग टीबी से ग्रसित पाए गए हैं। इन सभी का इलाज शुरू कर दिया गया है। टीबी के लक्षण उप जिला टीबी ऑफिसर डॉ. शोएब अख्तर ने बताया कि तीन सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार जो खासतौर पर शाम को बढ़ता है, छाती में दर्द, वजन का घटना, भूख में कमी, बलगम के साथ खून आना, फेफड़े का इंफेक्शन और सांस लेने में दिक्कत टीबी के लक्षण हो सकते हैं। टीबी से बचाव उप जिला टीबी ऑफिसर डॉ. शोएब अख्तर ने बताया कि टीबी से बचाव के लिए बच्चों को जन्म से एक माह के अंदर टीबी का टीका लगवाएं, खांसते समय मुंह पर रुमाल रखें, रोगी जगह-जगह न थूकें इसके साथ ही अल्कोहल और धूम्रपान का प्रयोग न करें। उन्होंने यह भी कहा कि बीमारी होने पर पूरा इलाज कराने से यह बीमारी ठीक भी हो जाती है।