न्यायाधीशों की टीम ने राजकीय बाल गृह में बच्चों के खान-पान, तथा भण्डार गृह का किया औचक निरीक्षण
कमलाकर मिश्न की रिपोर्ट
बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राजकीय बाल गृह देवरिया में बच्चों के खान-पान, रहन-सहन तथा भण्डार गृह के साफ-सफाई का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार द्वारा निर्देशित किया गया कि बच्चों के दिनचर्या में व्यायाम को भी रखा जाये जिससे बच्चे शारीरिक रूप से मजबूत रहें। उनके पौष्टिक भोजन पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत हैं, जिसके लिये समय-समय पर उचित खान-पान की व्यवस्था के साथ-साथ निरन्तर काढ़ा का भी सेवन कराया जायें। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भूपेन्द्र प्रताप ने राजकीय बाल गृह देवरिया में बच्चों केे लिए खेल को आवश्यक बताया तथा प्रत्येक दिन विभिन्न तरह के खेलों को कराने का निर्देश दिया। उन्होंने भोजन हेतु खाद्य सूची का निरीक्षण करते हुये भोजन में पौष्टिक आहार रखने का निर्देश दिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के सचिव न्यायाधीश शिवेन्द्र कुमार मिश्र द्वारा बच्चों के रहने वाले कमरों का निरीक्षण किया गया तथा निर्देशित किया कि बच्चों को मौसम के अनुसार विस्तर मुहैया कराया जायें। बच्चों को उनके अध्ययन का निरीक्षण किया गया और उनके पठन-पाठन के कार्य को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया । भण्डार गृह का निरीक्षण करते हुए कहा कि भण्डार गृह के साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाये। तत्पश्चात बच्चों के भोजन का निरीक्षण किया गया, मीनू के अनुसार भोजन सही पाया गया।बच्चों के भोजन हेतु किचेन में साफ सफाई की गुणवत्ता की जांच की गयी तथा पौष्टिक भोजन बनाने का आवश्यक निर्देश दिया। इस निरीक्षण के दौरान मजिस्ट्रेट सिविल जज नासेहा वसीम, जिला परिवीक्षा अधिकारी प्रभातकुमार, राजकीय बाल गृह देवरिया के अधीक्षक यशोदानंद तिवारी, व अन्य संबंधित कर्मचारीगण उपस्थित रहे।