चार प्रकरणों/वादों में सतत पैरवी कर करायी गयी सजा
रिपोर्ट पी एन वर्मा ब्यूरो सीतापुर पुलिस अधीक्षक सीतापुर आर.पी. सिंह द्वारा न्यायालय में प्रचलित वादो में समस्त थाना प्रभारी को सतत पैरवी हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके क्रम में सतत पैरवी के फलस्वरूप दिनांक 05.03.2021 को 04 प्रकरणों/वादों में माननीय न्यायालय द्वारा विचारण पूर्ण कर सजा सुनायी गयी है। विवरण निम्नवत् हैः- 1. *हत्या के प्रयास से सम्बन्धित 03 अभियुक्तों को 07-07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा-* थाना खैराबाद से सम्बन्धित मु0अ0सं0 364/11 धारा 307/34/504/506 भा.द.वि. बनाम 1.रुपलाल 2.फुट्टू 3.रामिद पुत्रगण बाबू पासी निवासी चिलवारा थाना खैराबाद सीतापुर में खैराबाद पुलिस द्वारा न्यायालय से निर्गत सम्मन को तामील कराकर गवाहों को समय से न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। दिनांक 05.03.2021 को विचारण पूर्ण कर माननीय न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-2, सीतापुर द्वारा अभियुक्त 1.रुपलाल 2.फुट्टू 3.रामिद को धारा 307/34/504/506 भादवि के अपराध में दोषसिद्ध होने पर 07-07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5,000-5,000-/रु0 अर्थ दंड की सजा सुनायी गयी। 2. *गैंगेस्टर एक्ट के अभियुक्त को 02 वर्ष की सजा-* थाना मछरेहटा से सम्बन्धित मु0अ0सं 47/2010 धारा 2/3 यूपी गैंगेस्टर एक्ट बनाम ह्रदय उर्फ बल्ले पुत्र सत्तन निवासी नवनेर थाना हरगांव में मछरेहटा पुलिस द्वारा न्यायालय से निर्गत सम्मन को तामील कराकर गवाहों को समय से न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। दिनांक 05.03.2021 को विचारण पूर्ण कर माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर कोर्ट-2 सीतापुर द्वारा अभियुक्त ह्रदय उर्फ बल्ले उपरोक्त को 02 वर्ष का कारावास व 5,000/- रुपये आर्थिक दंड की सजा सुनायी गयी। 3. *अवैध शस्त्र संबंधी 2 प्रकरणों में 02 अभियुक्तों को हुयी 02-02 वर्ष सश्रम कारावास की सजा-* थाना खैराबाद से सम्बन्धित मु0अ0सं0 77/12 व 136/12 धारा 25(1-बी) आर्म्स एक्ट बनाम 1.रुपलाल 2.फुट्टू पुत्रगण बाबू पासी निवासी चिलवारा थाना खैराबाद सीतापुर में खैराबाद पुलिस द्वारा न्यायालय से निर्गत सम्मन को तामील कराकर गवाहों को समय से न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। दिनांक 05.03.2021 को विचारण पूर्ण कर माननीय न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-2, सीतापुर द्वारा अभियुक्त 1.रुपलाल 2.फुट्टू को धारा 25(1-बी) आर्म्स एक्ट के अपराध में दोषसिद्ध होने पर 02-02 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनायी गयी।