जिलाधिकारी ने कोविड रोकथाम एवं प्रबंधन कार्यो का किया समीक्षा
कमलाकर मिश्र की रिपोर्ट
देवरिया - कोविड रोकथाम एवं प्रबंधन कार्यो को प्रभावी एवं चुस्त-दुरुस्त बनाये जाने को लेकर की जाने वाली समीक्षा के दौरान कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने शुक्रवार को देर सायं आयोजित बैठक की अध्यक्षता की एवं एक-एक कार्यो की गहन समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होने कहा कि कान्टेक्ट ट्रेसिंग, वैक्सीनेशन एवं सैम्पलिंग/कोविड टेस्ट के कार्यो में किसी भी प्रकार की कोई कोताही न हो, यह प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किये जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि आरआरटी टीम का डिप्लायमेन्ट की जिम्मेदारी संबंधित प्रभारी चिकित्साधिकारियों की है। वे आवश्यकतानुसार उनको मौके पर भेज कर सर्वे आदि के कार्यो को सुनिश्चित करायें। सर्विलान्स कार्यो को प्रभारी चिकित्साधिकारी शीघ्रता से सुनिश्चित करायें तथा बीपीएम की भी इस कार्य में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। होम आइसोलेटेड घरों में सभी आवश्यक सुविधाये अनिवार्य रुप से उपलब्ध होनी चाहिये। ऐसे घरों में पोस्टर अवश्य ही लगाये जाये, जिससे कि लोगो मे सर्तकता रहे। उन्होने एसओसी को निर्देश दिया कि वे आवश्यक सभी दवा, उपकरणो आदि की उपलब्धता की शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही जन औषधि केन्द्रो पर भी उपलब्ध दवाओ आदि का विवरण व आख्या ड्रग इस्पेक्टर के माध्यम से सुलभ कराये जाने को कहा। उन्होने प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी क्रिटिकल एवं नार्मल मरीजो के हर केस की डायरी वे रखें और अद्यतन विवरण उसमें अंकित रखने के साथ ही उसका अनुश्रवण करें एवं मरीजो से फीडबैक भी लेते रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी कोई भी प्राइवेट अस्पताल, क्लिनिक व लैब जो आईसीएमआर से ऑथराइज्ड नही है, वे किसी भी दशा में कोविड टेस्ट नही करेंगे। बिना आईसीएमआर ऑथराइजेशन के कोविड टेस्ट करने वाले प्राइवेट, अस्पतालों, क्लिनिक एवं लैब कोविड टेस्ट करते हुए पाए जाएगे तो उनके विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जाएगी। बैठक में ज्वाइन्ट मजिस्ट्रेट सुमित यादव, सीएमओ डा आलोक पाण्डेय, सीएमएस डा ए एम वर्मा, डा वी पी सिंह, डा संजय चन्द्र, डा एस के चैधरी, डीपीएम राजेश गुप्ता, पूनम, प्रभारी चिकित्साधिकारी गण आदि उपस्थित रहें।