अभिलाषा अंतस की" पुस्तक का लोकार्पण हुआ सम्पन्न
*- पी एन पाण्डेय *
लखनऊ- अखिल भारतीय कवितालोक सृजन संस्थान लखनऊ के तत्वावधान में कवितालोक लोकार्पण समारोह का आयोजन रविवार को सांय काल 5:30 को किया गया। जिसमें लखनऊ की प्रसिद्ध कवयित्री प्रतिभा गुप्ता प्रणीत गीतिका संग्रह "अभिलाषा अंतस की" नामक पुस्तक का लोकार्पण कवितालोक के अध्यक्ष आचार्य ओम नीरव जी की अध्यक्षता में,मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय कवि यश भारती से विभूषित सर्वेश अस्थाना एवं विशिष्ट अतिथि द्वय राजेन्द्र शुक्ल राज एवं डॉ0 हरि फैजाबादी द्वारा किया गया।यह समारोह शान्तिकुटी 45 लक्ष्मणपुरी निकट भूतनाथ मेट्रो स्टेशन के सभागार में नगर के प्रतिष्ठित साहित्यकारों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।समारोह का कुशल संचालन डॉ0 शिव मंगल सिंह मंगल ने किया।वाणी वंदना निशा सिंह 'नवल' द्वारा सुमधुर कंठ से की गई। आचार्य ओम नीरव ने पुस्तक पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रतिभा गुप्ता एक श्रेष्ठ गीतिकाकार हैं।इस कृति की सभी गीतिकाएँ आधार छंद,तुकांत विधान एवं स्वतंत्र अभिव्यक्ति के अनुबंध का सटीकता से पालन करती है।प्रत्येक गीतिका के साथ उसका शिल्प विधान दिया गया है।मुख्य अतिथि सर्वेश अस्थाना ने प्रतिभा गुप्ता के बारे में बताया कि कवयित्री की भाव भूमि अत्यंत मज़बूत है और वे गहरी सोच की धनी हैं।पुस्तक की विस्तृत समीक्षा मुख्य वक्ता राजेन्द्र शुक्ल राज ने कृति की अनेक रचनाओं को संदर्भित कर विस्तृत प्रकाश डाला।डॉ0 हरि फैजाबादी ने इस कृति को गीतिका के क्षेत्र में मानक स्थापित करने वाली बताया। समारोह में प्रतिभा गुप्ता के सुपुत्र विवेक कुमार गुप्ता ,कवयित्री रेनू द्विवेदी, कवयित्री वर्षा श्रीवास्तव एवं स्वयं कवयित्री प्रतिभा गुप्ता ने इस कृति की एक एक गीतिका का सस्वर पाठ किया।जिसकी भूरि भूरि प्रशंसा की गई। लोकार्पण समारोह में कृति के प्रकाशक सुभाष चंद्रा भी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के अंत में संयोजक राकेश कुमार गुप्ता ने सभी पत्रकारों साहित्यकारों एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।