अपनों की सांस न टूटे, ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए भिड़े तीमारदार*
कृपाशंकर यादव की रिपोर्ट।
अपनों की सांसे न उखड़े, बस किसी तरह जान बचे। ऑक्सीजन सिलिंडर को लेकर तीमारदारों के बीच कहासुनी और छीना-झपटी जारी है। आक्रोश इतना कि कोई स्वास्थ्य कर्मी मना करने का जहमत तक नहीं उठा रहा है। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा ऑक्सीजन सिलिंडर पर्याप्त होने का झूठा राग अलापते दिख रहे हैं। गाजीपुर में ग्रामीण क्षेत्र से तीन मरीज आपातकालीन कक्ष में पहुंचे। उन्हें सांस लेने में दिक्कत आने पर डाॅक्टर ने महिला वार्ड में भर्ती करा दिया। उनके परिवार के लोग ऑक्सीजन सिलिंडरर का इंतजार करने के साथ स्वास्थ्य कर्मियों से गुहार लगा रहे थे। करीब तीन से चार घंटे बीत गए, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं होने पर अन्य वार्डों में ऑक्सीजन सिलिंडरर की तलाश करते हुए मेडिकल वार्ड में पहुंचे। वहां एक बेड के पास ऑक्सीजन सिलिंडर खाली देखकर लेकर चले आए। जब इसकी जानकारी दूसरे मरीज के तीमारदार को हुई तो वह सिलेंडर लेने के लिए पहुंचे और छीना झपटी शुरू हो गई। यह देख वहां लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंचे प्रभारी सीएमएस डाॅ. राजेश सिंह ने तीनों मरीजों को ऑक्सीजन की व्यवस्था कराकर मामला तो शांत करा दिया, लेकिन चलाने के लिए रेगुलेटर नहीं होने से परिजन इधर-उधर मेडिकल स्टोरों पर दौड़ लगाते नजर आए। काफी प्रयास के बाद दोगुने दाम पर रेगुलेटर लेकर पहुंचे और अपनों की टूट रही सांस को बचाया।