ऑक्सीजन की कमी से मरीजों को मरते नहीं देख सकता, पूरी व्यवस्था दें वरना दूंगा इस्तिफ़ा-डॉ. बी राय
कृपाशंकर यादव की रिपोर्ट।
गाजीपुर। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ऑक्सीजन की कमी से धड़ाधड़ हो रही लोगों की मौत से डॉक्टर भी परेशान है। ऑक्सीजन की कमी से जूझते 5 लोगों की मौत से डॉक्टर बी राय ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इमरजेंसी में 1ऑक्सीजन सिलेंडर से इलाज नहीं हो सकता। इमरजेंसी वार्ड में कम से कम 5 ऑक्सीजन सिलेंडर होना चाहिए। इस कमी को दूर नहीं किया गया तो ऐसे में मैं अपनी आंखों के सामने मरीजो को मरते नहीं देख सकता। चाहे इसके लिए मुझे इस्तीफा ही क्यों न देना पड़े। जी हां जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे मरीज के परिजनों में हाहाकार मचा हुआ है। वहीं कुछ मरीज इमरजेंसी में जमीन पर लेट कर इलाज करा रहे हैं। तो कुछ मरीज ऑक्सीजन की कमी से मौत को गले लगा रहे है। इमरजेंसी वार्ड में एक डॉक्टर तैनात है और वो जमीन पर लेटे मरीजो का कैसे इलाज कर रहे हैं। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है। डॉक्टर जिस मरीज के चेस्ट को पम्प करते नजर आ रहे है। उस मरीज की ऑक्सीजन की कमी से मौत हो चुकी है। वहीं दूसरे तीमारदार की बात करें तो गोंद में लिए हुए अपने मृत पिता को लेकर अपने निजी वाहन के पास ले जा रहा है। इस दौरान उसका कहना था कि मेरे पिता को सांस लेने में दिक्कत थी और उनको जिला अस्पताल लाया गया। स्ट्रेचर नहीं मिलने की वजह से गोंद में ही अपने पिता को इमरजेंसी वार्ड में ले गए। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। फिर उनके मृत शरीर को अपने निजी वाहन तक लाने के लिए फिर स्ट्रेचर नही मिला। इस दौरान जिला अस्पताल में कई लाशें अकेले पड़ी दिखी। शव के आस पास कोई दिखाई भी नही दे रहा था। जबकि जिला प्रशासान व स्वास्थ्य विभाग लागतार दावा कर रहा है कि कोई कमी नही है। सभी व्यवस्था मुक्कमल है। लेकिन कितना मुक्कमल व्यवस्था है ये तस्वीरों से अन्दाजा लगाया जा सकता है। इस दौरान इमरजेंसी वार्ड से निकलकर जिला अस्पताल स्थित अन्य वार्डो का जायजा लिया तो वहां पर मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर लगा हुआ मिला । मरीजों को नई तकनीक की पोर्टेबल ऑक्सीजन मशीन भी मिली जिसमें मरीज के ऑक्सीजन लेवल की जानकारी भी दे रहा है । यहां पर भी कई ऐसे तिमारदर मिले जिन्होंने बताया कि उनके मरीजों को बेड़ तो मिल गया है। लेकिन ऑक्सीजन नहीं मिला है। सिर्फ जुगाड़ के सहारे हम अपने मरीज को किसी तरह से ऑक्सीजन दे पा रहे हैं। वहीं इस पूरे मामले मे जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ राजेश सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में 1 दिन पूर्व ऑक्सीजन की कमी थी । जिला अधिकारी की पहल पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के द्वारा पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करा दिया गया है। लेकिन उन मरीजों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। जिनका ऑक्सीजन लेवल कम है । उन मरीजों का ऑक्सीजन लेवल बनाया जा रहा है और जिन मरीजों का ऑक्सीजन लेवल 80 या 80 के ऊपर है उन से निवेदन किया जा रहा है कि वह 60 से भी नीचे जा चुके मरीजों को ऑक्सीजन के लिए प्राथमिकता दें।