लगातार मौत, स्वास्थ्य महकमा सकते में*
जिला प्रभारी राजीव कुमार पांडेय की रिपोर्ट।
गाजीपुर। जिले में संक्रमितों के मौत के आंकड़े से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सकते में हैं। एक सप्ताह में 13 संक्रमितों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। पिछले वर्ष की तुलना में कोरोना की दूसरी लहर काफी भयावह होती जा रही है। ऐसे में आमजन की लापरवाही अन्य लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। खतरा देखने के बाद भी न जाने लोग गाइड लाइन का पालन क्यों नहीं कर रहे। जिले में संक्रमण खराब रूप लेता जा रहा है। रोजाना 400 से ऊपर संक्रमित मिलने से मेडिकल टीम की मुश्किलें बढ़ गई है। सबसे अधिक मरीज सांस से संबंधित मिल रहे हैं। आक्सीजन लेबल घटने से उनमेें सुधार नहीं हो पा रहा है। समय पर उपचार नहीं मिलने से उनकी मौत हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो 21 अप्रैल को सात संक्रमितों की मौत हो गई। इससे पूर्व 16 अप्रैल को दो, 18 अप्रैल को दो और 19 अप्रैल को दो संक्रमित जान गवा चुके हैं। जबकि गैर जिलों में भर्ती संक्रमितों की मौत 15 दिन में पांच से छह है। मौत के इन आंकड़े से आमजन में दहशत है। बावजूद इसके लापरवाही जारी है। लाख जागरूक करने के बावजूद भी स्थिति को बदलाव नहीं हो रहा है। बाजार में उमड़ रही भीड़ को अपने साथ ही दूसरों की भी परवाह नहीं। न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा और न ही मास्क लगाया जा रहा। प्रशासनिक अधिकारी अपील करके थक गए। लेकिन लोग न जाने क्यों अमल न करने कसम खाए बैठे हैं। ऐसे में वह तो खुद संक्रमित होने को तैयार है साथ ही दूसरों को भी संक्रमण का शिकार बनाने में भी देरी नहीं करेंगे। सीएमओ डा. जीसी मौया ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार संक्रमितों के मौत का आंकड़ा काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। लोगों को काफी सतर्क रहने की आवश्यकता है।