महिला कवि सम्मेलन के फागुनोत्सव कार्यक्रम मे गीत सुनकर प्रसन्न हुए श्रोता*
*--पी एन पाण्डेय *
लखनऊ- उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद मे महिला कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया था।कार्यक्रम का आयोजन कानपुर की डॉ. कमलेश शुक्ला कीर्ति सचिव उत्तर प्रदेश(MK)ने किया । जिसकी अध्यक्षता डॉ. नारायणी शुक्ला ने किया।गोष्ठी की शुरुवात डॉ. मधु श्रीवास्तव ने सरस्वती वंदना से किया। ततपश्चात डॉ. प्रमिला पांडेय ने होली पर सवैया सुनाकर शब्दों के द्वारा होली के रंगों को बिखेरने लगी। डॉ.मंजू श्रीवास्तव ने कल्पना की तितिलियाँ उड़ने लगी गीत गाकर कल्पनाओं के द्वारा रंगों को भरने लगी। ततपश्चात बीना सिंह ने देखो झूम के होली ऋतु आयी,राखी कुलश्रेष्ठ ने धूप में छाँव की एक माला बने,संतोषी दीक्षित ने होली आयी उड़ाये गुलाल , डॉ ,सुषमा ने होली में आया प्रेम मधुमास , पूनम शर्मा ,(अलीगढ़ )ने सांवरिया बिखरे रंग गुलाल आया फाल्गुन आया ,प्रतीक्षा तिवारी ने तुम्हारे प्रेम में पड़कर निराली हो गयी,निकिता डोले ने रंग पंचमी की बेला ने धूम मचाये, रंजना प्रमोद (चित्रकूट) ने अहो फागुई होली आयी । नम्रता शर्मा (जय पुर )ने दोहे, कविता इसके ततपश्चात डॉ .कमलेश शुक्ला ने मुक्तक और गीत तेरे प्यार में मैंने साँवरे होली गीत सुनाकर गोष्ठी को चरम बिंदु पर पहुंचा दिया ।अंतिम चरण में डॉ. नारायणी शुक्ला जी ने भूलकर सारे शिकवे चले आइये। गीत सुनाकर सभी को भावविभोर कर दिया एवम अध्यक्षीय भाषण देकर सभी का मन मोह लिया। अंत में डॉ. कमलेश शुक्ला ने सभी का आभार प्रकट कर कवयित्री सम्मेलन का समापन किया।श्रोता के रूप में अनुष्का लाल,आदित्य कटियार,रवि अंश श्रीवास्तव एवम कई अन्य लोग मौजूद रहे। फागुनोत्सव गोष्ठी को सफल बनाने के लिए महिला काव्य मंच की प्रदेश सचिव डा कमलेश शुक्ला कीर्ति सभी का आभार प्रकट किया ।