जिले के 527 गांव की सरकार को कामकाज शुरु करने के लिए करना होगा इंतजार*
कृपाशंकर यादव की रिपोर्ट।
गाजीपुर सुहवल। जिले में पांच सौ से अधिक ग्राम सभाओं में ग्राम पंचायत सदस्य की निर्धारित संख्या के सापेक्ष दो तिहाई सदस्यों का निर्वाचन न हो पाने से उन ग्राम पंचायतों का गठन नहीं हो सकेगा। इससे 527 ग्राम पंचायतों में गांव की सरकार को कामकाज शुरू करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से उपचुनाव के लिए तिथि घोषित होने तक इंतजार करना पड़ेगा। इसमें सबसे ज्यादा कासिमाबाद में तो सबसे कम भदौरा विकासखंड में ग्राम प्रधान शपथ ग्रहण नहीं कर सकेंगे। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत जिले में चौथे चरण में 29 अप्रैल को ग्राम पंचायत के प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र एवं जिला पंचायत सदस्य पद के लिए सभी सोलह विकासखंडों में मतदान कराया गया था। जिले के सोलह विकासखंडों में 15680 ग्राम पंचायत सदस्य के पद हैं। इस पद के लिए लोगों द्वारा कोई खास रुचि न लेने तथा नामांकन न किए जाने से बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए। दो तिहाई अथवा इससे अधिक ग्राम पंचायत सदस्यों के पद रिक्त रह जाने की वजह से इन ग्राम पंचायतों का गठन नहीं हो पाया है। ऐसे में सभी सोलह विकासखंडों की 1238 ग्राम पंचायतों में से 711 ग्राम पंचायतों का ही गठन हो सकेगा जबकि शेष 527 ग्राम पंचायतों का गठन नहीं हो सकेगा। इसमें सबसे ज्यादा कासिमाबाद विकासखंड में तो भदौरा ब्लाक में सबसे कम ग्राम पंचायतें हैं जिनका गठन नहीं हो सकेगा। जिले में नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों को जल्द ही शपथ दिलाई जाएगी। ऐसे में सदस्यों की कमी के चलते जीत के बाद भी बड़ी संख्या में नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों को गांव के विकास की चाबी नहीं मिल सकेगी। वंचित गांवों में ग्राम पंचायत सदस्यों के चयन के बाद ही ग्राम पंचायतें गठित हो सकेगी। इसके बाद ही नव निर्वाचित प्रधान शपथ ग्रहण कर सकेंगे। ऐसे में सदस्यों के पद रिक्त रहने से जहां ग्राम पंचायतों में विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका है वहीं शासन की योजनाओं के पात्र लोगों तक समय से पहुंचने में संशय है। हालांकि शासन ने किसी भी ग्राम पंचायत में विकास का पहिया न रुके तथा सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों को मिलता रहे इसके लिए डीएम को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।