आरटीपीसीआर की 5335 रिपोर्ट पेंडिंग
कृपाशंकर यादव की रिपोर्ट।
गाजीपुर। आरटीपीसीआर की 5335 रिपोर्ट पेंडिंग होने से उपचार को लेकर स्वास्थ्य विभाग असमंजस में है। ऐसे में इन संदिग्धों को जहां घरों में आइसोलेट की सलाह दी गई है, वहीं विभाग लक्षण पर इलाज करने का दावा कर रहा है। चिंता तो यह है कि रिपोर्ट आने तक कई लोग संक्रमित हो चुके होते हैं। संक्रमण रोकने लिए विभाग की ओर से प्रतिदिन दो हजार से ऊपर संदिग्धों की जांच की जा रही है। इसमें आरटीपीसीआर से प्रतिदिन एक हजार एवं एंटीजन किट से एक हजार से अधिक की जांच हो रही है। एंटीजन किट से जांच की रिपोर्ट तत्काल मिल जाती है, लेकिन आरटीपीसीआर रिपोर्ट के लिए 15 दिन इंतजार करना पड़ता है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पांच से 11 मई तक बड़े पैमाने पर आरटीपीआर की रिपोर्ट पेंडिंग हैं। ऐसे में इन संदिग्धों को आइसोलेट रहने की हिदायत तो गई लेकिन निगरानी के लिए टीम नहीं लगाई गई है। ऐसे में वह क्वारंटीन प्रक्रिया को दरकिनार कर घरों से बाहर निकल कर संक्रमण फैलाव को बढ़ावा देते हैं। एसीएमओ डा. उमेश कुमार ने बताया कि संदिग्धों को रिपोर्ट आने बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी जाती है। इस दौरान स्वास्थ्य संबंधित परेशानी आने पर डॉक्टरों से परामर्श लेकर दवा का सेवन करने को कहा जाता है। जांच के दौरान एकत्र स्वैब वाराणसी भेजा जाता है जहां अधिक जांच होने से रिपोर्ट आने में विलंब होता है।