जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव: 6 सदस्यों वाली भाजपा में टिकट के लिए मारामारी तो वहीं 9 सदस्यों वाली बसपा साइलेंट मोड में
जिला प्रभारी राजीव कुमार पांडेय की रिपोर्ट।
गाजीपुर। जिला पंचायत अध्‍यक्ष पद के चुनाव के लिए जनपद में सियासी सरगर्मी जोरों पर है। सभी भावी प्रत्‍याशी अपनी-अपनी रणनीति बनाकर अधिक से अधिक सदस्‍यों को अपने पाले में लाने की कवायद शुरु कर दी है। इस चुनाव में सबसे आश्‍चर्य इस बात का है कि 6 जिला पंचायत सदस्‍यों वाली भाजपा में टिकट के लिए मारामारी है। लेकिन 9 सदस्‍यीय वाली बसपा साइलेंट मोड में आ गयी है। इस बात की चर्चा जनपद में जोरों पर है। बसपा के जिलाध्‍यक्ष अजय भारती ने मतगणना के बाद अपने 9 निर्वाचित सदस्‍यों की घोषणा की इसके बाद से बसपा साइलेंट मोड में आ गयी। अब इस चुनाव में दो ही दल भाजपा व सपा आमने-सामने लड़ाई में हैं। पिछले चुनावों में बसपा के सांसद अफजाल अंसारी की भूमिका किंगमेकर की होती थी। लेकिन इस चुनाव में उनके साथ बड़े नेता पूर्व मंत्री विजय मिश्रा के होने के बावजूद भी पूरी पार्टी साइलेंट मोड में दिख रही है। वहीं भाजपा में अध्‍यक्ष पद के टिकट के लिए जोर आजमाइश चरम पर है। भाजपा के जिला पंचायत सदस्‍य डा. वंदना यादव पत्‍नी डा. विजय यादव और निर्दल प्रत्‍याशी सपना सिंह पत्‍नी पंकज सिंह चंचल के बीच टिकट के लिए संघर्ष चरम पर है। वंदना यादव का नेतृत्‍व उनके पति डा. विजय यादव कर रहे हैं वहीं निर्दल सपना सिंह की बागडोर एमएलसी विशाल सिंह चंचल के हाथों में है। दोनों लोग अधिक से अधिक जिला पंचायत सदस्‍यों का समर्थन प्राप्‍त करने के लिए एडी़ से चोटी तक का जोर लगाए हुए हैं। वहीं बसपा में एक खामोशी छायी हुई है। बसपा के जिलाध्‍यक्ष अजय भारती ने कहा कि राष्‍ट्रीय नेतृत्‍व के आदेश के बाद चुनाव की रणनीति तय की जायेगी। जबकि बसपा के 9 जिला पंचायत सदस्‍यों पर विरोधी दलों की नजरे इनायत हैं वह किसी भी दशा में सदस्‍यों को अपने पाले में लाने का प्रयास कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जबतक बसपा की नींद खुलेगी तबतक उनके वोट विरोधी दल लूट चुके होंगे।