कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर से मिले व्यापारी नेता, पांच सूत्रीय मांगो का सौंपा पत्रक*
कृपाशंकर यादव की रिपोर्ट।
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल का एक प्रतिनिधि मंडल अनिल राजभर (मंत्री पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यागजन सशक्तिकरण से डाक बंगले पर मिला जिला अध्यक्ष ने कहा की कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण प्रदेश का समस्त उद्योग एवं व्यापार पूरी तरह से त्रस्त है। कोरोना से प्रदेश के तमाम व्यापारी काल के गाल में समा गये हैं। व्यापारी समाज पिछले लॉकडाउन के बुरे प्रभाव से उभर भी नहीं पाया था इतने में कोरोना की दूसरी लहर ने विनाशकारी रूप ले लिया है। ऐसे में जीवन और जीविका को एक साथ बचाना मुश्किल हो गया है। इस महामारी को मिटाने के लिए आप द्वारा सम्पूर्ण प्रदेश में किये गये कार्यो की सभी सराहना कर रहे हैं। इसके लिए आप बधाई के पात्र हैं। प्रदेश के व्यापार और व्यापारियों को बचाने के लिए हम आपसे निम्नलिखित मांग करते हैं। कोरोना से मृत्यु होने पर जीएसटी एवं मंडी शुल्क में पंजीकृत व्यापारी को 10 लाख का मुआवजा, किसी भी विभाग में पंजीकृत व्यापारी को 5 लाख का मुआवजा, एवं अपंजीकृत व्यापारी, ठेला, पटरी व फुटपाथ पर व्यापार करने वाले व्यापारी को 1 लाख का मुआवजा दिया जाये। 02.तीन माह का बैंक ब्याज माफ किया जाये। विद्युत विभाग का फिक्स चार्ज 3 माह का समाप्त किया जाये। 04.मंडी समिति एवं स्थानीय निकायो की दुकानों का 2 माह का किराया माफ किया जाये। 05.सभी बैंकों की किस्तें जमा करने का समय 31 अगस्त 2021 तक बढ़ाया जाये। हमें आशा एवं विश्वास है कि आप प्रदेश के लाखों व्यापारियों की उपरोक्त मांगों को स्वीकार करते हुए इस सम्बन्ध में उचित आदेश जारी करने की कृपा करेंगे। जिला अध्यक्ष ने मंत्री जी से कहा कि covid-19 में मृतक व्यापारियों की सूची के लिए जिलाधिकारी के नेतृत्व में व्यापार मंडल लेखपाल प्रधान शहर में चेयरमैन सभासद से सूची बनवाएं ताकि व्यापारियों को मुआवजा मिल सके। दुकान खोलने के संदर्भ में मंत्री जी ने कहा कि 1 जून तक लॉकडाउन खत्म होने की उम्मीद है किन्ही परिस्थितियों में लाकडाउन समाप्त नहीं हुआ तो दुकान खोलने के लिए मुख्यमंत्री गाइडलाइन जारी करेंगें। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल कोविड-19 को महामारी में आप अपना सहयोग करें। मीटिंग में सुनीता सिंह (जमानिया विधायक) कमरुज्जमा, आकाशदीप, प्रदीप कुमार ,अरुण ,फराज खान ,आदि लोग मौजूद थे।