घर मे ही रहकर पढ़ी गई ईद-उल-फित्र की नमाज, कोरोना के खात्मे के लिए मांगी गई दुआ
कृपाशंकर यादव की रिपोर्ट।
गाजीपुर। ईद-उल-फित्र की नमाज को लेकर भले ही पाबंदिया लगाई गई थीं, लेकिन महामारी के इस निराशा भरे दौर में त्योहार की खुशी तनिक भी कम न थी। लोगों ने घरों में ही चाश्त की नमाज अदा की और फोन कर दोस्तों-रिश्तेदारों को ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान कोरोना संक्रमण के खात्मे और अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जल्द शिफा के लिए दुआएं की गईं। खुशी मनाने के दरम्यान लोगों ने कोविड नियमों का भी ख्याल रखा। एक-दूसरे को शारीरिक दूरी का ख्याल रखते हुए मुबारक पेश की गई। अलसुबह ही लोग जग गए। नहा-धोकर लोग तैयार हुए और फज्र की अजान होने के बाद नमाज अदा की। वहीं सुबह ईदगाह या मस्जिद की बजाय लोगों ने परिवार संग घर में ही नमाज-ए-चाश्त अदा की। नमाजियों ने कोरोना से निजात व मुल्क की तरक्की व अमनो-आमान की दुआ मांगी। ईदगाहों में ईद-उल-फित्र की नमाज अदा न कर पाने का मलाल हर किसी के दिल में रहा। बावजूद इसके लोगों ने निराशा के लंबे चले दौर पर विजय पाते हुए जमकर खुशियां मनाई। उधर, मस्जिदों व ईदगाहों में निर्धारित समय पर इमाम ने तीन-चार नमाजियों संग ईद-उल-फित्र की नमाज अदा रस्म निभाई और मुल्क के हक में दुआएं मांगी। संक्रमण से जंग के क्रम में अधिकतर लोगों ने एक-दूसरे के घर जाने से परहेज किया और फोन पर या इंटरनेट मीडिया के माध्यम से बधाई दी।