रोडवेज बसों का संचालन ठप
कृपाशंकर यादव की रिपोर्ट।
सुहवल। परिवहन विभाग की उदासीनता से छह माह बाद भी ताड़ीघाट-बारा मार्ग पर रोडवेज की बसों का संचालन नहीं हो सका। यही नहीं गाजीपुर-जमानिया-सैयदराजा राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब दो वर्ष से सरकारी बसों का संचालन ठप है। ऐसे में सेवराई एवं जमानिया तहसील के करीब चार सौ गांव के लोग सुविधा से वंचित हैं। अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं सुनी जा रही बात। निजी बस एवं वाहनों द्वारा मनमाना किराया वसूला जा रहा है। ऐसे में लोगों को काफी परेशानी का जहां सामना करना पड़ रहा है, वहीं उन्हें रोज आर्थिक चपत भी लग रही है। यात्रियों को हो रही परेशानियों के बावजूद विभाग बसों के संचालन को लेकर पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है। क्षेत्रीय लोगों ने विभाग से मांग किया है कि यात्रियों की परेशानी को देखते हुए ताड़ीघाट-बारा नेशनल हाईवे और गाजीपुर-जमानिया-सैयदराजा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन शुरु किया जाए, जिससे वह सुरक्षित यात्रा कर सकें। इसके अलावा वाराणसी जाने के लिए उन्हें जिला मुख्यालय आने के बाद ही बस मिल पाती है, जिससे उन्हें दोगुने किराए का भुगतान करना पड़ता है। रोडवेज की अधिकतर बसें खटारा हो चुकी हैं। विभाग की मानें तो वर्तमान समय में जिले के स्थानीय डिपो के बेड़े में कुल 80 बसें है, जिनमे 16 सरेंडर हो चुकी है। शेष 64 बसों में कोरोना संक्रमण के चलते जारी कर्फ्यू के कारण यात्रियों की कमी के चलते विभाग मात्र 15 से 20 बसों का संचालन कुछ चिह्नित मार्गों पर कर रहा है। रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बीके पांडेय ने बताया कि संक्रमण सामान्य होने के बाद ही बसों का संचालन किया जा सकेगा। यात्रियों के न निकलने के चलते भी बसों का संचालन ठप है। विभाग का प्रयास है कि लोगों को बेहतर सेवा दी जाए।