नोडल अधिकारी एवं डीएम ने की तीन गांवों के कन्टेनमेण्ट जोन का किया निरीक्षण
कमलाकर मिश्र की रिपोर्ट
देवरिया- कोविड कन्टेनमेण्ट जोन, कोविड प्राविधानो एवं व्यवस्थाओं का जायजा शासन द्वारा नामित सचिव एवं विशेष वरिष्ठ नोडल अधिकारी सचिव रणवीर प्रसाद और जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने सोमवार को मझगांवा प्राथमिक स्वास्थ्य क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सुरौली, पैकौली एवं हाटा केन्द्रों का जायजा लिया । इस दौरान एक-एक कन्टेनमेण्ट जोन के एक एक कार्य बिन्दुओं का निरीक्षण कर निगरानी समिति आदि से पूछताछ किये। इसके अतिरिक्त नोडल अधिकारी ने जिला चिकित्सालय के प्रिजम्प्टिव वार्ड के चिकित्सा व्यवस्था, गौरी बाजार एवं रुद्रपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर इलाज आदि की जानकारी किये व आवश्यक निर्देश दियें। इस दौरान समीक्षा में पाया गया कि कंटेंटमेंट जोन बना हुआ था, बांस बल्ली लगे हुए थे, कोविड प्रोटोकाल का पालन होना पाया गया। निगरानी समिति सक्रिय थी। सर्वे एवं सर्विलांस टीम द्वारा होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों एवं कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जाना पाया गया। दवाओं के किट भी वितरित किया जाना मिला। निरीक्षण के दौरान ग्राम वासियों द्वारा कंटेंटमेंट जोन के व्यवस्थाओं आदि के संबंध में जानकारी किये। बताया गया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की गंभीर स्थिति होने पर सम्पर्क किये जाने पर एम्बुलेंस की सुविधा मिलती है, जिसके द्वारा वे कोविड अस्पताल में इलाज के लिये भेजे जाते है। उन्होने कहा कि इस बीमारी से बचाव एवं रोकथाम के लिये जागरुकता एवं धैर्य की आवश्यकता है। इसे सभी अपनाये ओर कोविड प्रोटोकाल का पालन करें। जिलाधिकारी ने निगरानी टीम, आशा कार्यकर्तियों, स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड प्रोटोकाल का कन्टेनमेण्ट जोन में पालन कराये जाने के साथ ही नियमित रुप से अपना सर्वे व दवाओं की उपलब्धता आदि सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। कान्टेक्ट ट्रेसिंग के दौरान संदिग्ध लक्षण वाले सैम्पलिंग एवं जांच अनिवार्य रुप से की जाये। इसमें किसी भी प्रकार की कोई शिथिलता नही होनी चाहिये। अधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान कन्टेनमेण्ट जोन में किये गये कार्यो से संतुष्ट रहे।नोडल अधिकारी श्री प्रसाद जिला चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान बिना रोक टोक परिजनों के आवाजाही पाये जाने पर काफी नाराजगी जतायी, इसके लिये उन्होने मेन गेट पर ही रोकटोक की व्यवस्था किये जाने का निर्देश दिया। उन्होने सीएमओ एवं सीएमएस को वार्ड में भर्ती मरीजों के इलाज आदि की मानिटरिंग के लिये सीसीटीवी कैमरा लगाये जाने तथा इस वार्ड में एसी भी लगाये जाने का निर्देश दिया। कहा कि इससे इस वार्ड में मरीजों के इलाज आदि के अनुश्रवण में काफी सुविधा होगी। उन्होने आक्सीजन प्लान्ट लगाये जाने के लिये जमीन चिन्हांकन भी किये जाने का निर्देश दिया। इसके उपरान्त श्री प्रसाद गौरी बाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मरीजो के इलाज, टीकाकरण आदि कार्यो का निरीक्षण किया। इस अस्पताल में 30 बेड के स्थापित कोविड इलाज के व्यवस्था का जायजा कम्प्यूटर में अपडेट डाटा के माध्यम से देखा। डाटा अपडेट पाये जाने पर संतुष्ट रहे और इस तरह की व्यवस्था अन्य जगहो पर भी किये जाने को कहा। उन्होने यह भ्ज्ञी कहा कि निगरानी समिति द्वारा होम आइसोलेशन के मरीजों का आक्सीजन लेबल दिये जा रहे है, उसकी भी डाटा अस्पतालों में फीड होनी चाहिये और जिसका 90 से कम आक्सीजन लेबल हो, उसे फौरीतौर पर आक्सीजन व रेमडिसिवर इन्जेक्शन अवश्य ही लगाये जाने चाहिये, जिससे कि ऐसे मरीज शीघ्र स्वस्थ्य हो सके। उन्होने मरीजो के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही नही बरतने का निर्देश दिया। श्री प्रसाद इसके पश्चात सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रुद्रपुर का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिये। निरीक्षण के इस दौरान उप जिलाधिकारी सदर सौरभ सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकान्त राय, राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी गण आदि उपस्थित रहे।