कल तक जिला अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट नहीं चला तो सम्बंधित के खिलाफ होगा मुकदमा दर्ज-डीएम
कृपाशंकर यादव की रिपोर्ट।
ग़ाज़ीपुर । बढ़ते कोरोना मरीजों और ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे मरीजों की संख्या से जिला अस्पताल भर चुका है। जिला प्रशासान द्वारा निजी अस्पतालों और मेडिकल कालेज को अधिगृहित कर उसमें कोरोना मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। ऐसे में आज डीएम एमपी सिंह जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल और अस्पताल परिसर में गंदगी देख उनकी त्योरी चढ़ गई। सीएमओ और सीएमएस को फटकार लगाते हुए तत्काल साफ-सफाई का निर्देश दिया। डीएम के तल्ख तेवर से स्वास्थ्य कर्मियों में कुछ देर तक अफरा-तफरी मची रही। वही डीएम ने सीएमओ डॉP जीसी मौर्या और सीएमएस से इस संबंध में वार्ता करते हुए तत्काल साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया। परिसर में इधर-उधर रखी गिट्टी-बालू और वाहनों का खड़ा देख उन्होंने नाराजगी व्यक्त किया। इसे दुरुस्त कराने का निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल परिसर में सिर्फ एम्बुलेंस को आने की इजाज दी जाए। परिसर में मौजूद चाय-पान की दुकानों पर नजरें दौड़ाई। जिन दुकानों पर गुटखा-पान नजर आया, उसको गंभीरता से लेते हुए संबंधित को सख्त निर्देश दिया कि गुटखा-पान की किसी भी हाल में यहां बिक्री न हो। जो भी इसकी बिक्री करता हुआ पाया जायेगा उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। चिकित्सा व्यवस्था का हाल जानने के लिए जिलाधिकारी इमरजेंसी वार्ड में भी पहुंचे। वहां पर चिकित्सा व्यवस्था को देखते हुए कुछ मरीजों से आक्सीजन आदि सुविधाओं के संबंध में जानकारी लेते हुए संबंधित को आवश्यक निर्देश देने के बाद कोरोना वार्ड में पहुंचे। इस वार्ड की व्यवस्था से डीएम संतुष्ट दिखे। आरो मशीन से पानी फैलता देख डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उसके दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी द्वारा अस्पताल का निरीक्षण करते समय तक स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ ही कर्मियों में अफरा-तफरी मची रही। वहीं मीडिया से बातचीत के दौरान डीएम ने बताया कि कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला अस्पताल को कोविड अस्पताल बनाने की बात कही। वहीं उन्होंने अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी पर कहा कि हमारे पास पर्याप्त डॉक्टरों की टीम है जो जिले के अन्य पीएचसी, सीएचसी पर कार्यरत डॉक्टर और स्टाफ है। जहां पर इनकी कम जरूरत है उनको जिला अस्पताल में लगाया जाएगा। ताकि मरीजो और तिमारदारों को कोई असुविधा न हो ये सुनिश्चित किया जाएगा। साथ आये दिन डॉक्टरों और तिमारदारों के बीच इलाज को लेकर बहस और हंगामा होता है उसके लिए सुरक्षा व्यवस्था भी कराई जाएगी। क्योकि पंचायत चुनाव समाप्त हो चुके है। वही ऑक्सीजन की समस्या पर कहा कि जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगा हुआ है। लेकिन संचालित नहीं है। इस संबंध में टेक्निकल टीम व सम्बंधित लोगों से बात की जा रही है। कल तक प्लांट चलने की बात कही अगर ऑक्सीजन प्लांट नहीं संचालित हुआ तो सम्बंधित के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा।