शमशानघाट पर शुरू हुआ लकड़ी बैंक
कृपाशंकर यादव की रिपोर्ट।
ग़ाज़ीपुर। कोरोना महामारी में जहां अस्पतालों में मरीजों की बाढ़ आ गई, वही मौतों का आंकड़ा भी परेशान करने वाला था। ऐसे में श्मशान घाट पर उम्मीद से ज्यादा चिताओं के जलने से जलावनी लकड़ी की कमी आ गई और बहुत जगहों पर कम लकड़ी होने की वजह से, अधजली अवस्था में या फिर शवों को जल प्रवाह के माध्यम से लोगों द्वारा स्थानीय नदियों में डाले जाने लगा, जिसके चलते शवो का गंगा नदी में उतराया दिखना आम बात हो गई, इन्हीं सब बातों को देखते हुए जिला प्रशासन ने शवो को जलप्रवाह न कर जलाने पर जोर दिया है, और अब इस काम में समाज सेवी संगठन भी सामने आने लगे, गाजीपुर के प्रमुख समाजसेवी संजय राय शेरपुरिया जो यूथ रूरल इंटरप्रेन्योर फाउंडेशन के चेयरमैन है, उन्होंने श्मशान घाट पर लकड़ी बैंक का आज विधिवत तहसीलदर मजिस्ट्रेट और स्थानीय लोगो को लकड़ी का गट्ठर देकर इसका शुभारंभ कर दिया है। इसके बारे में बताते हुए संजय राय ने कहा कि लकड़ी की कमी से कोई शव गंगा में यूं ही न फेंक जाए इसलिए गाज़ीपुर श्मशानघाट पर हमने संस्था के माध्यम से लकड़ी बैंक बनाया है, जिसमें कोई भी व्यक्ति लकड़ी दान कर सकता है और जरूरतमंद वहां से निशुल्क लकड़ी लेकर अपने शव का अंतिम संस्कार पूरे विधि और सम्मान के साथ करेगा, इससे पहले भी संजय राय ने 10 हजार मेडिसिन और जांच किट के साथ वैन और एम्बुलेंस प्रशासन की मदद से कोरोना काल में चलवा रखी है, साथ ही 50 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उन्होंने स्वास्थ विभाग को दिया है और 50 देने का वायदा किया है, वहीं वे 40 बेड लेवल थ्री हॉस्पिटल भी जिला अस्पताल में अपने खर्च से निशुल्क सेवा के लिए बनाने की बात कह रहे हैं।