डीएम ने दाह संस्कार के लिए शासन द्वारा अनुमन्य व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के साथ लागू करने का दिया निर्देश
कमलाकर मिश्न रिपोर्ट
देवरिया -जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने कोविड-19 से संक्रमित या किसी अन्य कारण से मृत्यु होने पर शवों की अंत्येष्टि हेतु शासन द्वारा निर्गत दिशा निर्देश के हवाले से बताया है कि कोविड संक्रमण से मुत्यु, जिसमें परिवारी जन अंतिम संस्कार में सहयोग न कर पा रहे हो तो ग्राम पंचायत एवं नगर निकाय रुपये 5 हजार की धनराशि का शवो के दाह संस्कार पर व्यय करेगी। साथ ही दाह संस्कार में कोविड गाइड लाईन का भी पालन किया जाना होगा। ग्राम पंचायतो में नव निर्वाचित ग्राम प्रधान अपने क्षेत्र में यह सुनिश्चित करें कि शासन द्वारा अंतिम संस्कार के लिये अनुमन्य धनराशि का पूर्ण उपयोग हो एवं किसी भी दशा में शव नदी में प्रवाहित न किये जाये। इस संबंध में क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्यो का सहयोग लेते हुए सुनिश्चित किया जाये कि जल स्रोतों/नदियों में शव प्रवाहित न हो। उनका उचित तरीके से अंत्येष्टि की जाये। पंचायती राज विभाग के अधिकारी भी इसे सुनिश्चित करेगें। जिलाधिकारी ने यह भी बताया है कि ग्रामीण क्षेत्रो में अत्यधिक निर्धन व निराश्रित परिवारों में भूखमरी की दशा, बीमारी एवं मृत्यु होने पर राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि से आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने की अनुमन्यता की गयी है। किसी परिवार को आर्थिक कठिनायी की वजह से भूखमरी की स्थिति न आये इसके लिये यह व्यवस्था की गयी है कि ऐसे परिवार को ग्राम पंचायत से तत्काल एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता राज्य वित्त आयोग के अन्तर्गत उपलब्ध धनराशि से करायी जायेगी। अगर किसी परिवार के पास आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजनाओं का लाभ कार्ड न होने की वजह से निःशुल्क चिकित्सा नही मिल पा रही है तो ऐसे परिवारो को भी इलाज के लिये ग्राम पंचायत राज्य वित्त आयोग से दो हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी तथा इन्हे आयुष्मान भारत व मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत कार्ड बनवाने की कार्यवाही भी ग्राम पंचायत स्तर द्वारा सुनिश्चित की जायेगी। इन मदों में आर्थिक सहायता की आकस्मिकता के दृष्टिगत परिवारो का चयन ग्राम पंचायत द्वारा परिवार की आर्थिक विपन्नता व परिस्थितिजन्य स्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया जायेगा। अपनाये जाने वाली प्रक्रिया- ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव अपनी पंचायत में इन परिस्थितियों का सामना कर रहे परिवारो के बारे में सूचना एकत्रित करेगें। समय-समय पर बैठक कर परिवारो को शासनादेश में वर्णित परिस्थितियों के लिये चयन करते हुए उन्हे अनुमन्य धनराशि उपलब्ध करायेगें। व्यय की स्थिति की रिपोर्टिंग पंचायत विभाग द्वारा शासन को समय-समय पर की जायेगी। नगरीय निकायों की सीमा अन्तर्गत शवो के अंतिम संस्कार नगर निकाय अपने स्वयं स्त्रोतो/राज्य वित्त आयोग की धनराशि से अधिकतम रुपये 5 हजार की व्यय स्थिति तक कर सकेगें। जिलाधिकारी ने कहा है कि किसी भी परिस्थिति में किसी व्यक्ति या परिवार को भूखमरी का सामना न करना पडे एवं आर्थिक विपन्नता से चिकित्सा सुविधा न मिल पाये या अंतिम संस्कार व अंत्येष्टि न हो पाये, ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न नही होना चाहिये तत्कालिक रुप में अनुमन्य आर्थिक सहायता उन तक अनिवार्य रुप से पहुंचनी चाहिये। इसका अनुपालन पूरी सजगता व कठोरता के साथ संबंधित विभाग सुनिश्चित करायेगें, इन प्राविधानो के तहत जरुरतमंदो को अनुमन्य सहायता पहुॅचाने में किसी भी प्रकार की कोई कोताही नही बरतेगें।