राज्य मंत्री के बयान पर भड़के पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश
कृपाशंकर यादव की रिपोर्ट।
गाजीपुर। शुक्रवार को जनपद के प्रभारी मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला द्वारा अखिलेश यादव को लेकर दिए गए बयान कि 'कोरोना काल मे अखिलेश यादव ने सिर्फ 2 काम किया। पहला काम ये किया कि अस्पताल में भर्त्ती आजम खां को देखने गए, जबकि दूसरा बाराबंकी में अवैध मस्जिद गिराने में मसले पर अखिलेश यादव ने हाय तौबा मचायी' पर भड़के पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि कोरोना काल के दौरान ताली थाली पिटवाने वाले लोग भी आज हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सवाल उठा रहे है। आज जनता त्रस्त है। आंकड़े छिपाए जा रहे हैं। सरकारी बंदोबस्त किसी से छिपे नहीं। तमाम लोगों की जाने ऑक्सीजन की कमी के चलते चली गई, बावजूद इसके सरकार और सरकार के मंत्री लीपापोती में जुटे हुए हैं। इन लोगों को तो अपने विधानसभा क्षेत्रों में कोरोना महामारी के सही हालातों की पूरी जानकारी तक नहीं। पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सिंह में आज अखबारों में पीएम मोदी के छपे बयान "जहां बीमार वही उपचार" पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि उपचार का केंद्र अस्पताल माने जाते हैं , जब वहां पर संसाधनों की भारी कमी है तो ऐसे में जहां बीमार वहीं उपचार का मंत्र पूरी तरह खोखला दिख रहा है। इस आपदा की घड़ी में भी ये लोग जनता को बरगलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। मां गंगा ने मौतों के आंकड़ों की सच्चाई खुद बयां कर दी है, जिस पर सरकार और सरकारी मशीनरी लगातार पर्दे डालने की कोशिश में लगी हुई है। कागजों में गांव गांव टीमें दौड़ रही हैं जबकि हकीकत में ग्रामीण आज भी स्वास्थ्य सुविधाओं को मोहताज हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और एक-एक सपाई इस महामारी के दौरान जहां है वहीं से लोगों की मदद में जुटा हुआ है।