रुपईडीहा के आबो हवा में षडयंत्र के तहत जहर घोलने की जा रही है कोशिश*
आलोक सिंह ब्यूरो बहराइच बहराइच रूपईडीहा । सर्व धर्म सदभाव की नगरी रूपईडीहा की एक अलग ही पहचान है जिसमे आपसी भाईचारे कूट कूट कर भरा हुआ है। ऐसा नही है कि इस भाईचारे को तोड़ने का प्रयास नही किया गया है ये प्रयास अराजक तत्वों द्वारा कई बार किया गया है परंतु रुपईडीहा के भाईचारे की जड़ इतनी मजबूत है कि वो कभी सफल नही हो सके। इसी को दोहराने की कोसिस रुपईडीहा में फिर से की गई। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में की गई रैली की घटना के बहाने दशकों के इस सद्भाव भरे माहौल में जहर घोलने की कोशिश हो रही हैं। जबकि रैली निकालने वाले प्रत्याशी के ऊपर मुकदमा पहले ही हो चुका है उसके बाद भी समाज के कुछ दूषित विचार के लोग जहर घोलने का काम कर रहे है जिससे समाज में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है । कुछ अराजक लोग समाज के नाम पर सियासी खेल कर रहे हैं। लेकिन वही समाज के संभ्रांत लोग समाज को एकजुट करने में लगे हैं। खेमेबंदी का सियासी खेल घटना के दूसरे दिन से शुरू हो गया जिसमें प्रधानी के चुनाव में जीते हुए प्रत्याशी के समर्थन में उत्साहित लोग हाजी साहब जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे लेकिन कुछ अराजक तत्व लोगों ने पाकिस्तान जिंदाबाद बता कर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर दिया जिसको लेकर समाज में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई । इसी घटना का संज्ञान लेते हुए जिला सुरक्षा प्रमुख विश्व हिन्दू परिषद/बजरंग दल जनपद बहराईच अवध प्रान्त अनूप मिश्रा ने कहा है कि मैंने भी ये वीडियो देखा है इसमें हाजी साहब जिंदाबाद के नारा लगा है न कि पाकिस्तान जिंदाबाद ये सिर्फ अराजकता फैलाने के लिए किया गया है ऐसे अराजक लोगो के खिलाफ कार्यवाही किया जाना चाहिए। रुपईडीहा एक अलग तरह का कस्बा रहा है। यहां पर सांप्रदायिक दंगे कभी नहीं हुए। यह पहला मौका है कि गुलजार चमन में हवा दूषित करने की कोशिश की जा रही है यहां हिंदू मुस्लिम भाईचारे में एक-दूसरे के सहयोग की कई मिसाले हैं। यही वह रुपईडीहा है जहां पर जामा मस्जिद के सामने सदियों से होलिका दहन की परंपरा है । सभी पर्व पर पूरे समाज के लोग हर व्यवस्था अपने हाथ में लेते हैं। प्रशासन जल्द से जल्द ऐसे लोगों को चिन्हित करे ताकि रुपईडीहा का अमन सुकून कायम रह सके ।