विधायक डा. संगीता बलवंत के प्रयास के बावजूद भी नहीं बन सका श्मशान घाट पर विद्युत शवदाह गृह
कृपाशंकर यादव की रिपोर्ट।
गाजीपुर। नगर में स्‍थित अति प्राचीन श्‍मशान घाट पर कोरोना काल में अंतिम संस्‍कार में हुई परेशानियों को देखते हुए हर नागरिकों के मन में एक ही विचार आ रहा था कि यहां पर एक विद्युत शवदाह गृह की अति आवश्‍यकता है। इस संदर्भ में सदर विधायक डा. संगीता बलवंत ने बताया कि हमने अति प्राचीन श्‍मशान घाट पर विद्युत शवदाह गृह के लिए तीन वर्ष पूर्व मुख्‍यमंत्री को पत्र लिखा था लेकिन आज तक उस पर कोई संज्ञान नही लिया गया नहीं तो कोरोना काल में अंतिम संस्‍कार के लिए कोई प‍रेशान नही होती। विधायक ने बताया कि एक बार फिर विद्युत शवदाह गृह बनाने के लिए प्रयास करेंगी। नगरपालिका अध्‍यक्ष प्रतिनिधि विनोद अग्रवाल ने बताया कि दो-तीन वर्ष पूर्व तत्‍कालीन रेल राज्‍य मंत्री मनोज सिन्‍हा ने अति प्राचीन श्‍मशान घाट को सुंदरीकरण कार्य शुरु करा दिया था जो अंतिम चरण में है लेकिन इस परियोजना में विद्युत शवदाह गृह का प्रस्‍ताव है कि नहीं यह देखना पड़ेगा, अगर नही है तो उसको नए सि‍रे से शासन को प्रस्‍ताव भेजा जायेगा। ज्ञातव्‍य है कि नगर के अंतिम छोर पर स्थित अति प्राचीन श्‍मशान घाट पर जिले के अलावा मऊ और आजमगढ़ के लोग बड़ी संख्या में अपने प्रियजनों का अंतिम संस्‍कार करने आते हैं जिसकी वजह से यहां पर काफी भीड़ हो जाती है। कोरोना काल में यह भीड़ काफी बढ़ गयी थी जिसके चलते लकडियां समाप्‍त हो गयी थी और इस संकट को रोकने के लिए प्राइवेट संस्‍थाओं ने हाथ बढ़ाया और लकड़ी बैंक खोल कर लोगों को राहत पहुंचाया।