वृंदावन निवासी सेना के जवान अभिषेक यादव (23) की असम के नागराहुला-सोनितपुर में सेना की गाड़ी पलटने के बाद इलाज के दौरान हुई मौत
कृपाशंकर यादव की रिपोर्ट।
गाजीपुर। जखनियां तहसील के वृंदावन निवासी सेना के जवान अभिषेक यादव (23) की असम के नागराहुला-सोनितपुर में सेना की गाड़ी पलटने के बाद इलाज के दौरान हुई मौत की खबर से गांव में कोहराम मच गया। मंगलवार की शाम हुई फौजी की मौत के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पहले से ही असम में मौजूद फौजी के पिता व भाई पार्थिव शरीर को लेकर गुरुवार को पैतृक गांव पहुंचेंगे। ततपश्चात शहीद का सम्मान पूर्वक अंतिम संस्कार होगा। ब्लाक अंतर्गत वृन्दावन गांव निवासी रामजन्म यादव का पुत्र अभिषेक यादव (23 ) वर्ष 2019 में फौज में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। वह इन दिनों असम में तैनात था। उसके बड़े भाई हरिकेश यादव ने बताया कि 29 मई शनिवार को उन्हें सूचना मिली कि असम में पहाड़ी पर लगे सैनिक कैम्प से नीचे उतरते समय अनियंत्रित होकर सेना की गाड़ी पलट गई। इसमें दो जवान मौके पर ही शहीद हो गये, जबकि तीन जवान गम्भीर रूप से घायल हो गये। घायलों में अभिषेक भी रहा, जिसे तेजपुर स्थित आर्मी हास्पिटल में भर्ती कराया गया। यह सूचना पाकर पिता रामजन्म यादव और भाई हरिकेश यादव उसे देखने के लिए रविवार 30 मई को असम के लिए रवाना हो गये और 31 मई को असम पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती अभिषेक के पास ले जाया गया। इसके बाद दोनों लोगों को कुछ दूर स्थित गेस्ट हाउस में रहने के लिए भेज दिया गया। इसी बीच मंगलवार की शाम साढ़े सात बजे के करीब उसके मौत की खबर मिलने से वह बेसुध हो गये। गांव स्थित परिजनों को भी इसकी जानकारी हुई तो रोने बिलखने लगे। हरिकेश ने बताया कि पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी करने के बाद उसका पार्थिव मिलेगा और इसे लेकर गुरुवार तक घर पहुंचने की संभावना है। उन्होंने बताया कि पिछली बार दिसम्बर 2020 में छुट्टी पर आया था। मई में भी छुट्टी पर आने वाला था, लेकिन कोरोना के चलते छुट्टी कैंसिल करना पड़ा था। अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। कई जगह से रिश्ते की बात चल रही थी। अपने फौजी बेटे की मौत की खबर से मां समावती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं अपने देवर की मौत पर भाभी उषा और उनके बेटे-बेटियों के रोने बिलखने से समूचे गांव का माहौल गमगीन हो गया है। मृतक फौजी दो भाइयों और पांच बहनों में सबसे छोटा था। पांचों बहनों की शादी हो चुकी है। वह अपने परिवार के लिए आजीविका का एकमात्र सहारा था। गूंगे-बहरे भतीजा अमन यादव (10) के इलाज का खर्च हो या फिर चार नाबालिग भतीजियों के पढ़ाई का खर्च का भी वही सहारा था।