कोरोनॉ संक्रमण का दंश झेल रहे गाज़ीपुर के लोग अब कूड़े से फैली महामारी को लेकर सशंकित
कृपाशंकर यादव की रिपोर्ट।
ग़ाज़ीपुर । कोरोनॉ संक्रमण का दंश झेल रहे गाज़ीपुर के लोग अब कूड़े से फैली महामारी को लेकर सशंकित हैं, और ये किसी आम आदमी की शंका नहीं है क्षेत्रीय विधायक की है। उनकी शिकायत है कि उन्हें रोज कूड़े के बीच से ही होकर गुजरना होता है, और इसकी वजह से काफी समस्याएं हैं जिसपर जिला प्रशासन और नगरपालिका गाज़ीपुर के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे, जबकि अधिशासी अधिकारी बताते हैं कि रोज 80 ट्रॉली से ज्यादा कूड़ा शहर से जाता है और निस्तारण भी होता है, अगर समस्या है तो उसका निस्तारण शीघ्र करा दिया जाएगा। ये है गाज़ीपुर नगरपालिका परिषद के क्षेत्र में आने वाला आदर्श गाँव का एरिया जहां नगरपालिका द्वारा कूड़ा डंपिंग किया जाता है, जहां आए दिन कूड़ा ट्रैक्टर ट्रालियों से लेकर यहां फेंक जाता है और उसका निस्तारण भी किया जाता है, लेकिन जैसा कि आप तस्वीरों में देख रहे हैं कि कूड़ा पीडब्ल्यूडी की सड़क पर फैल चुका है और आसपास की जमीनों तक फैल रहा है, यही पास में जंगीपुर विधानसभा के सपा विधायक डॉ बीरेंद्र यादव का आवास है जो रोज इसी सड़क से आते और जाते हैं उन्होंने इसके लिए नाराजगी जताते हुए शासन प्रशासन के साथ नगरपालिका गाज़ीपुर को दोषी बताया और कहा कि शासन की गाइड लाइन अनुसार कूड़ा निस्तारण की योजना है, जिसमें बाउंड्री के अंदर कूड़ा फेंकना और निस्तारण की व्यवस्था करनी है लेकिन यहां घोर लापरवाही के चलते कूड़ा सड़क पर फैलना आम बात है, जिसकी वजह से आमजन को परेशानी के साथ दुर्घटनाएं और मौत भी हो जाती है। इसके लिए इन्हें शीघ्र कोई ठोस कदम उठाना चाहिए। हालांकि नगरपालिका गाज़ीपुर द्वारा रोज 80 से 85 गाड़ी कूड़ा फेंके जाने और मशीनों से उसे शिफ्ट किए जाने की बात अधिकारी कहते हैं साथ सड़कों पर कूड़े की झारन रह जाने की भी बात अधिकारी मानते हैं, इस बारे में नगर पालिका परिषद गाज़ीपुर के अधिशासी अधिकारी लालचंद सरोज़ ने बताया कि कूड़ा उठाना और निस्तारण एक अनवरत प्रक्रिया है, और नगर से रोजाना 80 से 85 गाड़ी कूड़ा वहाँ जाता है, और उसका निस्तारण भी होता है, थोड़ा बहुत कूड़ा की झारन सड़क पर रह जाती होगी, उसे दिखवा लेते हैं और तत्काल समस्या को दूर कर दिया जाएगा। निस्तारण के सवाल पर उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से कूड़ा निस्तारण के लिए हमारे यहां से इस सम्बंध में सीएंडडीएस को पत्र लिखा जा चुका है और शीघ्र ही उनके द्वारा डीपीआर बना कर इसकी करवाई की जाएगी। लालचंद सरोज़, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका परिषद, गाज़ीपुर । नगरपालिका क्षेत्रो में कूड़े का ढेर लगना और उसका निस्तारण एक अनवरत प्रक्रिया तो है ही लेकिन शासन स्तर पर कूड़ा प्रबंधन की कई योजनाएं बनाई गई जो पिछले चार पांच सालों से सिर्फ कागजों और फाइलों में चल रही हैं, जमीनी स्तर पर कूड़ा प्रबंधन का कार्य होता दिख नहीं रहा है जिसकी शिकायत आम आदमी तो छोडिए माननीय भी कर रहे हैं जो एक चिंता का विषय है क्योंकि सरकार का दावा है स्वच्छ भारत मिशन देश को विश्व गुरु बनाएगा लेकिन हकीकत सड़को पर फैली ये कूड़े की इबारत बता रही है।