सेना के जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा पैतृक गांव, मचा कोहराम
कृपाशंकर यादव की रिपोर्ट। गाजीपुर
सेवराई। लखनऊ में सड़क हादसे में मृत सेना के जवान का पार्थिव शरीर रविवार को पैतृक गांव गहमर पहुंचा तो परिजन बिलख पड़े। अंतिम दर्शन के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 11 बजे गहमर के नरवा घाट पर जवान का अंतिम संस्कार हुआ। मुखाग्नि छोटे भाई अंकुश ने दी। गहमर गांव निवासी अंकित सिंह (23) भारतीय थल सेना के आर्मी मेडिकल कोर में 2015 में भर्ती हुए थे। उनकी तैनाती कमांड हास्पिटल लखनऊ में थी। 23 मई को बाइक से लखनऊ शहर में कहीं जाते समय सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान चार जून को मौत हो गई थी। रविवार को शव घर पहुंचा तो परिजन और गांव वाले रो पड़े। नम आंखों से लाल को अंतिम विदाई दी गई। इसके पूर्व सेना कमांड हास्पिटल लखनऊ से आए सेना के जवान रकुबुद्दीन, अनूप पांडेय एवं गोरखा रेजिमेंट वाराणसी के नायब सुबेदार आरएस यादव एवं सीएचएम देवेंद्र छेत्री ने सेना की तरफ से पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा जमानिया की विधायक सुनीता सिंह, जिला पंचायत सदस्य विमला देवी, पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह के प्रतिनिधि मन्नू सिंह, ग्राम प्रधान बलवंत सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनीष सिंह, आनंद गहमरी, मिथिलेश गहमरी, फजीहत गहमरी, पिंटू सिंह, मुरली कुशवाहा, प्रमोद सिंह आदि मौजूद थे। सेना के जवान की अंतिम विदाई में प्रशासनिक अधिकारियों की गैर मौजूदगी लोगों में चर्चा का विषय बनी रही। नरवाघाट पर हजारों की भीड़ अंतिम विदाई देने के लिए मौजूद थी, लेकिन गहमर से 10 किलोमीटर की दूरी पर बसे सेवराई तहसील में तैनात एसडीएम, तहसीलदार एवं बीडीओ सहित किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के न पहुंचने से लोगों में नाराजगी रही। यही नहीं जमानिया क्षेत्राधिकारी ने भी सम्मान देना मुनासिब नहीं समझा। गहमर थाने के कुछ जवानों को भेजकर अपनी जिम्मेदारी निभाई।