डीएम ने ओपीडी सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित किए जाने का दिए निर्देश
कमलाकर मिश्र की रिपोर्ट
देवरिया- जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन कोविड-19 के प्रबंधन कार्य तथा स्वास्थ्य विभाग की संचालित योजनाओं की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिया है कि सभी चिकित्साधिकारी ओपीडी एवं इमरजेंसी चिकित्सकीय सुविधाओं को सुचारु रूप से उपलब्ध कराएं।उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी के तहत मरीजों का समुचित इलाज सुनिश्चित हो, इसका विशेष रुप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह से मरीजों के इलाज में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस दौरान यह भी निर्देश दिया है कि ऐसे स्वास्थ्य केंद्रों की भवन, जो जर्जर स्थिति में हो, उसकी मरम्मत भी प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित कराते हुए रंगाई पुताई कार्य को भी तत्कालिक रूप से सुनिश्चित कराए। उन्होंने यह भी निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था चाक-चौबंद रखें। जिलाधिकारी श्री निरंजन कल देर सायं गूगल मीट के माध्यम से स्वास्थ विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिया कि सीरो सर्विलांस के कार्यों को भी शीघ्रता के साथ सुनिश्चित किए जाएं।इसके साथ ही उन्होंने कोविड-19 प्रबंधन के समीक्षा के दौरान सभी व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखने एवं मरीजों का इलाज समुचित रूप से किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि वैक्सीनेशन एवं सैंपलिंग का कार्य तत्परता के साथ किए जाए। लोगों को इसके लिए जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक लोग अपना टीका लगवाएं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों के ओपीडी में आने वाले ऐसे मरीज,जो बुखार से पीड़ित हो, उनका चेकअप करते हुए स्वास्थ्य केंद्रों के ओपीडी में परीक्षण के रूप में रखें और यदि किसी प्रकार का कोविड के लक्षण पाए तो अस्पतालों में उन्हें भर्ती कर, उनका इलाज सुनिश्चित करें। यदि सामान्य स्थिति हो तो इलाज उपरांत उन्हें घर जाने की अनुमन्यता की जाए। जिलाधिकारी श्री निरंजन सीरो सर्विलांस की टीम को प्राथमिकता के साथ लक्षित सर्वे कार्य को किए जाने का निर्देश दिया। कहा कि इसमें किसी प्रकार की कोई कोताही न हो। उन्होंने इस दौरान वैक्सीनेशन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ओपीडी में देखे गए मरीजों आदि की समीक्षा की है तथा आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने हर हाल में ओपीडी सेवाएं सुचारू रखे जाने के कड़े निर्देश दिए। आयोजित इस गूगल मीट में सीएमओ डा आलोक पांडेय, एसीएमओ डा सुरेंद्र सिंह, डा राजेंद्र प्रसाद, स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी गण, डब्लू एच ओ के प्रतिनिधि गण व अन्य स्वास्थ्य कर्मी व अन्य विभागों के अधिकारी आदि जुड़े रहे।