चित्तौरा के सिटकहना जोत केशव के बच्चे बने मिसाल"
आलोक सिंह ब्यूरो बहराइच
संविलयन विद्यालय सिटकहना जोत केशव, चित्तौरा बहराइच एक तरफ जहां कोरोना महामारी के कारण पिछले 2 सालों से बच्चों के लिए विद्यालय लगभग बंद हैं वहीं सरकार और शिक्षकों द्वारा अथक प्रयास किए जा रहे हैं कि बच्चे शिक्षा से दूर न होने पाएँ। बेसिक शिक्षा परिषद् के शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से और फ़ोन पर वार्ता करके बच्चों के लिए कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। बहराइच जनपद के चित्तौरा ब्लॉक में ऐसा ही एक विद्यालय है "कंपोसिट स्कूल सिटकहना जोत केशव" जहाँ के बच्चे प्रेरणा साथी और वालंटियर बन कर शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। शिवम्, संध्या और अनुराग जैसे बच्चों ने एक मिसाल कायम की है और उनको प्रेरित कर रही हैं उनकी शिक्षिका प्रतीक्षा त्रिपाठी। विद्यालय में पढ़ने वाले शिवम्, संध्या, मुस्कान और अनुराग प्रेरणा साथी बने हैं और जय कक्षा-5, पलक कक्षा4, नैतिक कक्षा4, लक्ष्मी कक्षा8, सतीश कक्षा3, नीरज कक्षा5, ये बच्चे हैं वालंटियर। ये सब ऐसे बच्चे हैं जो स्वयं तो ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से अपने शिक्षकों के दिशा निर्देश में पढ़ ही रहे हैं ऐसे अन्य बच्चों को भी प्रेरणा साथी व वालंटियर बनकर पढ़ा रहे हैं जिनके पास कोई भी साधन नहीं है ऑनलाइन कक्षाओं से जुड़ने का। इन बच्चों ने बताया कि इनकी प्रेरणा हैं इन्हें पढ़ाने वाली शिक्षिका प्रतीक्षा त्रिपाठी जिनके दिशा निर्देश में ही इन बच्चों ने ये काम शुरू किया। प्रतीक्षा त्रिपाठी प्रतिदिन फोन पर इन बच्चों व उनके अभिभावकों से बात करती हैं और उन्हें दिशा निर्देश देती हैं कि वे किस प्रकार अन्य बच्चों की भी मदद करें। इस विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापक श्रीमती निरुपमा श्रीवास्तव व समस्त स्टाफ़- आकांक्षा वर्मा, सुचिता सिंह, अवंतिका चौधरी, रेनू श्रीवास्तव व प्रीती शुक्ला भी इस कार्य में पूर्ण सहयोग कर रही हैं। यह विद्यालय सबके लिय प्रेरणा बना है व अतिशीघ्र इसके सभी बच्चे प्रेरक बच्चे और विद्यालय चित्तौरा ब्लॉक व बहराइच जनपद का प्रेरक विद्यालय बनेगा। जहाँ ऐसे कर्मठ व अनुशासित छात्र एवं अध्यापक हैं वहाँ यह ज़रूर संभव है।