जिले में सबसे लम्बे और अच्छे कार्यकाल का रिकार्ड बना गए डीएम शैलेन्द्र सिंह
विमल मिश्रा की रिपोर्ट
👆शैलेन्द्र सिंह स्थानांतरित डीएम *डा. अरविंद चौरसिया बने लखीमपुर के नए जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी।आखिरकार ठीक साढ़े तीन साल बाद जनपद के जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह का तबादला हो गया।साढ़े तीन साल में न एक दिन कम और न एक दिन ज्यादा।यह शायद अब तक लखीमपुर जनपद में किसी डीएम का सबसे लंबा कार्यकाल है।जितना बड़ा कार्यकाल रहा,उतनी ही बड़ी सूझबूझ के साथ उन्होंने जनपद के सबसे बड़े प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन भी किया।उन पर कभी कोई उंगली नहीं उठी।कभी कोई आरोप नहीं लगा।सत्तापक्ष के साथ-साथ विपक्ष के लोग भी उनसे कार्य व्यवहार से संतुष्ट रहे।इस रिकॉर्ड के बीच सबसे खास बात यह रही कि जिस तारीख को शैलेन्द्र सिंह से ठीक पहले वाले डीएम आकाशदीप का तबादला आदेश आया था,ठीक उसी तारीख को डीएम शैलेन्द्र सिंह के तबादले का आदेश भी आया।यह तारीख थी चार।महीना भले अलग था लेकिन तारीख बिल्कुल वही थी।इसे भी एक संयोग माना जा सकता है।बीते लगभग तीन दशक से इस जिले में जिस डीएम ने एक साल का कार्यकाल पूरा कर लिया,उन्हें सौभग्यशाली माना जाता था।डीएम शैलेन्द्र सिंह के साथ अच्छी बात यह भी रही कि वह यहाँ से किसी विभाग में विशेष सचिव बनाकर नहीं बल्कि दूसरे जिले के डीएम बनाकर ही इस जिले से स्थानांतरित किये गए।साढ़े तीन साल के उनके कार्यकाल के दौरान इस अवधि में यहाँ एक नहीं ,दो नहीं,तीन नहीं बल्कि पूरे चार कप्तान बदल दिये गए। इसमें कोई शक नहीं कि डीएम शैलेन्द्र सिंह एक मिलनसार,कर्तव्यनिष्ठ,सर्वसुलभ और सरल व्यवहार वाले आईएएस अधिकारी हैं।और उनका लंबा कार्यकाल भले रहा हो,पर वह पूरी तरह से सफल कार्यकाल रहा है।मार्च 2017 में यूपी में योगी जी की सरकार आयी और उसी साल 5 दिसंबर 2017 को उन्हें इस जिले में बतौर डीएम पोस्टिंग मिली।तब शायद उन्होंने भी नहीं सोंचा होगा कि उन्हें इतने लंबे समय तक इस जनपद में काम करने का मौका मिलेगा।क्योंकि पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान पांच साल में यहां सात डीएम बदले गए।ठीक इससे पहले बसपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल में पूरे नौ डीएम बदले गए थे।अब बाल विकास एवं पुष्टाहार निदेशालय लखनऊ में अपर निदेशक के रूप में तैनात डा. अरविंद कुमार चौरसिया को लखीमपुर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।उन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया है। *क्या भविष्य में टूटेगा यह रिकॉर्ड ?* जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह के नाम इस जनपद में सबसे लंबे कार्यकाल का जो रिकार्ड बना है उसे भविष्य में शायद ही कोई दूसरा अधिकारी तोड़ पाए।इससे पहले यहां समीर वर्मा की बतौर जिलाधिकारी एक वर्ष,11 माह और दो दिन तक यहां तैनाती रही।वह 14 अगस्त 2009 से 15 जुलाई 2011 तक यहां डीएम रहे।थोड़ा और पीछे जायें तो भाजपा सरकार में सुधाकर सिंह यहां करीब दो वर्ष,एक माह और पांच दिन तक बतौर डीएम तैनात रहे।