आपसी बर्चस्व की लड़ाई में रक्त रंजिश हो रहा दरगहपुर गांव* *आम लोग दहशत में जीने को विवश
राकेश यादव:-
बछवाड़ा (बेगूसराय):- दरगहपुर गांव इन दिनों आपसी बर्चस्व को एक-एक कर ताबड़तोड़ हो रहे गोली काण्ड को लेकर गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। सभी लोग अपने परिजनों को घरों से निकलने में परहेज करते देखे जा रहे हैं। शायद कोई व्यक्ति अतिआवश्यक कार्यों वश घरों से निकल भी जाते है तो उनके परिजनों में यह डर बना रहता है, कि कहीं कोई अनहोनी व अप्रिय घटना न हो जाए। उल्लेखनीय है कि मंगलवार की सुबह दरगहपुर निवासी विपीन कुंवर का पुत्र चंदन कुंवर को अपराधियो ने दिनदहाड़े गोली मारकर घायल कर दिया था। घटना का कारण बर्चस्व की लड़ाई बताया जा रहा है। पीड़ित घायल कि मां मंजू देवी ने बताया कि अपराधियों का यह कई पहली वारदात नहीं है, विगत लगभग छः माह पूर्व दिसंबर 2020 में अपराधियों नें मेरे दरवाजे पर आकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई। हमारे घर के सभी लोग दरबाजे पर से भाग कर घर में दुबक कर जान बचाया। साथ हीं उन्होंने बताया कि मेरे एक पुत्र को वर्ष 1996 में ग्रामीण के सहयोग से अपराधियों नें दरगहपुर गंगा तट पर गोली मारकर हत्या कर दिया था। जिसके बाद से हम लोग डर के साये में अपना जीवन व्यतीत कर रहे है। घर से निकलते समय हमेशा मौत का डर बना रहता है। गांव के कुछ दबंगों के दबंगता के कारण हमेशा से हमलोगों पर अत्याचार होते आया है। उन्होने बताया कि हमलोग किसान परिवार से हैं, और हमलोगों का खेत गंगा नदी के पर दियारे के मोहम्मदपुर फत्ता में पड़ता है। जहां गांव के कुछ दबंगों व अपराधियों के सहयोग से हमेशा फसल लुट लिया जाता है। दियारा क्षेत्र अपराधियों का सेफ जोन बनकर रह गया है। वहां हमेशा अपराधी खुलेआम हथियार का प्रदर्शन करते रहते है। जिस डर से आमलोगों को दियारे में खेती करना जान जोखिम में डालने के बराबर है। लेकिन किसान परिवार से है तो, खेती हीं जीवन यापन करने का एक मात्र सहारा है। अगर हमलोग खेती नहीं करेगे तो भुखमरी कि स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। उन्होने कहा कि अपराधियों ने तो हमारे बेटे को जान से मारने की हरसंभव प्रयास किया लेकिन ईश्वर की कृपा से बच गया। हम जिला पुलिस कप्तान से मांग करते है कि मामले की जांच करते हुए दोषी व्यक्ति पर कार्यवाही करते हुए गांव में पुनः अमन चैन स्थापित किया जाय जिससे आमलोग बेखौफ होकर बिना किसी डर के रह सके।