पर्यावरण दिवस व सीएम योगी के जन्‍मदिन पर डीएम, सीडीओ ने किया वृक्षारोपण, बोलें डीएम- संतान की तरह करें वृक्षों की रक्षा
जिला प्रभारी राजीव कुमार पांडेय की रिपोर्ट।
गाजीपुर! विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र, पी0जी0 कालेज, गाजीपुर के परिसर में केन्द्र के चेयरमैन अजीत कुमार सिंह के मार्गदर्शन में दिनांक: 05.06.2021 दिन शनिवार को किया गया। पर्यावरण दिवस के अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र के परिसर में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता, डी0एफ0ओ0 डा0 जी0सी0 त्रिपाठी ने वृक्षारोपण किया। केन्द्र के सीनियर साइंटिस्ट एण्ड हेड/प्रभारी डा0 विनोद कुमार सिंह ने अतिथियों को पुष्प व पौधे प्रदान कर स्वागत किया। इस अवसर पर केन्द्र के सीनियर साइंटिस्ट एण्ड हेड/प्रभारी डा0 विनोद कुमार सिंह ने कहा कि आज का युग आधुनिक युग है और पूरा संसार ही पर्यावरण के प्रदूषण से पीड़ित है, आज प्रत्येक व्यक्ति जहरीली सांस लेने लिए मजबूर है। इससे हमारे शरीर में कई विकृतियां पैदा हो रही है, कई तरह की बीमारियां फैल रही हैं, वह दिन ज्यादा दूर नहीं, अगर इसी तरह प्रर्यावरण प्रदूषित होता रहा तो पूरी पृथ्वी प्राणी और वनस्पति इस प्रदूषण में विलीन हो जायेगी, इसलिए समय रहते हमें इन प्रदूषण से हमारी पृथ्वी और प्राणमात्र की जानी बचानी है, इसलिए इसके संरक्षण का उपाय हर व्यक्ति को करना आवश्यक है। आज बड़े सौभाग्य की बात है कि आज ही के दिन हमारे कर्मठ एवं यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का जन्मदिवस भी है। मंख्यमंत्री जी के जन्मदिवस के अवसर पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता ने कृषि विज्ञान केन्द्र के परिसर में आम्रपाली के पौध का वृक्षारोपण किया। वृक्षारोपण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि वृक्ष लगाने की सार्थकता तभी होगी जब आप वृक्ष लगाते हैं और उसकी देखभाल करते हैं और हरा भरा रखने का प्रयास करते हैं। वृक्षों की देखभाल अपनी संतान की तरह करने हेतु प्रेरित किया, उन्होंने कहा कि अपने आस-पास गन्दगी न होने दें एवं पर्यावरण को स्वच्छ रखने का प्रयास करें।मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता ने कहा कि जीव और वन का संतुलन बनाना आवश्यक है, जिससे पारस्थितिकी पुर्नस्थापना की जा सके। जिला वन अधिकारी जी0सी0 त्रिपाठी ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन को रोकने हेतु प्रेरित किया और पर्यावरण दिवस के अलावा भी वृक्षारोपण कर प्राकृतिक सुन्दरता और स्वच्छता हेतु विस्तारपूर्वक बताया।केन्द्र के चेयरमैन अजीत कुमार सिंह ने अपने संदेश में कहा कि वृक्ष प्रकृति की एक अनमोल देन है और यही वजह है कि भारत में वृक्षों को प्राचीन काल से ही पूजा जाता रहा है। वृक्ष हमारे परम हितैषी एवं अभिन्न मित्र हैं। वृक्षों के बिना अधिकांश जीवों की कल्पना भी नहीं की जा सकती। वृक्षों से से ढ़के पहाड़, फल और फूलों से लदे वृक्ष, बाग-बगीचे मनोहारी दृश्य उपस्थित करते हैं और मन को शांति प्रदान करते हैं। वृक्ष पर्यावरण को शुद्ध करने के साथ ही उसका संतुलन एवं प्रदूषण को दूर करने में अपनी अहम् भूमिका अदा करते हैं। वृक्ष पर्यावरण का अति महत्वपूर्ण हिस्सा है। असुरक्षित पर्यावरण धरती पर रहने वाले सभी जीवों के लिए प्राणलेवा साबित हो सकता है। अतः आवश्यक है कि पर्यावरण को संतुलित और सुरक्षित बनाया जााए। हरे-भरे जंगल इस बात का प्रमाण्ध है कि वहां की जलवायु, मिट्टी तथा वहां के सभी जीव-जन्तुओं में आपसी तालमेल है तथा वे स्वाभाविक जीवन-यापन कर रहे हैं। उक्त कहावत को अपनी स्मृति में रखना होगा, पर्यावरण है तो हमारा जीवन है। उन्होंने कहा कि मनुष्य ने पेड़-पौधों को काटकर पर्यावरण का संतुलन बिगाड़ दिया है। पेड-पौधों की कमी के कारण लगातार ग्लोबल वार्मिंग बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना जितना जरूरी है उससे ज्यादा जरूरी उनकी देखरेख करना है। पर्यावरण दिवस कार्यक्रम के दौरान जिला उद्यान अधिकारी डा0 शैलेन्द्र दूबे, बालेश्वर सिंह, कृपाशंकर सिंह, डा0 डी0के0 सिंह, डा0 एस0के0 सिंह, डा0 डी0पी0 श्रीवास्तव, एम0के0 मिश्रा, आशुतोष सिंह, डा0 पी0के0 सिंह, डा0 अमित प्रताप, सुनील कुमार सहित लगभग 35 किसान उपस्थित थे। साथ ही किसानों को वृक्षारोपण हेतु आम्रपाली, सागौन के पौध का वितरण जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन आशीष कुमार वाजपेयी ने किया। पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘मानव जीवन में वृक्षों का महत्व एवं योगदान’ पर वेभिनार का आयोजन किया गया, जिसमें सम्मानित वैज्ञानिक, छात्र, किसान आदि सम्मिलित रहे।