2022 में फरेंदा विधानसभा को मिल सकता है एक और तोहफा
विशाल कुमार की रिपोर्ट
कभी महराजगंज के फरेंदा की लाइफ लाइन कही जाने वाली गणेश शुगर मिल बंद होने से फरेंदा के विकास का पहिया थम गया। दम तोड़ चुकी चीनी मिल को संजीवनी देने के लिए स्थानीय लोगों ने धरना- प्रदर्शन, ज्ञापन आदि देकर काफी प्रयास किया, लेकिन चीनी मिल का संचालन शुरू न हो सका। धीरे- धीरे समय बीतता गया और शुगर मिल के चीनी की मिठास सिर्फ यादों में ही रह गई। क्षेत्र के लोगों को भाजपा सरकार में कैबिनेट राज्य मंत्री बने सांसद पंकज चौधरी से नए वर्ष में मिल के संबंध में तोहफे की उम्मीद है।स्थानीय लोगों के अनुसार बंद पड़ी चीनी मिल को पुनः चलाकर किसानों की खुशहाली के साथ रोजगार का नया आयाम क्षेत्र के लोगों को मिल सकता है।कभी महराजगंज जिला गन्ने की खेती के लिए पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध था।पूर्व सांसद कुंवर अखिलेश सिंह ने अपने कार्यकाल में लोकसभा में चीनी मिल चलाने का मुद्दा उठाया था उन्होने कहा कि कुप्रबंध एवं वित्तीय अभाव के कारण यह मिल सन् 1990-1991 से लाभ के बजाय घाटा उठा रही थी इतना ही नही भारत सरकार द्वारा गारंटी न प्रस्तुत करने के कारण भारतीय स्टेट बैंक द्वारा कैश क्रेडिट लमिट की सुविधा भी निरस्त कर दी गई जिसके कारण गन्ना किसानों को न तो मूल्य का भुगतान हो पाया और न ही पर्याप्त गन्ने की खरीद की जा सकी जिसके कारण 3 फरवरी 1994 को फरेंदा चीनी मिल बंद हो गया।क्षेत्र के सांसद एवं विधायक ने कई बार चुनावी मुद्दा बनाकर जनता को विश्वास दिलाया कि सरकार बनने के बाद चीनी मिल चालू कराने का कार्य करेंगे। परंतु चुनाव खत्म होते ही सब वादे भूल गए।महराजगंज जिला पूर्वांचल का सबसे गरीब एवं पिछडा जिला हैं। गणेश शुगर मिल की स्थापना सन् 1962 में गुजरात निवासी जैपुरिया बंधुओ ने की थी।बाद में भारत सरकार ने अपने अधीन कर लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्तर प्रदेश एवं केंद्र में भाजपा की सरकार बनते ही सर्वप्रथम माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ वर्षो से बंद पड़े खाद कारखाने को पुनः निर्माण कर शुभारंभ करने का कार्य किया एवं पूर्वांचल की जनता को एम्स हास्पिटल की सौगात दी।महराजगंज जिले के लिए यह गौरव की बात है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद पंकज चौधरी को मंत्रिमंडल में स्थान देकर कैबिनेट वित्त राज्य मंत्री का ओहदा दिया। आज महराजगंज जिले से पहली बार किसी सांसद को कैबिनेट राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त हुआ है।आज ही नहीं पूरे प्रदेश में भाजपा की जयजयकार हो रही है।2022 विधानसभा चुनाव से पहले ही जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख पद की सबसे ज्यादा सीट लेकर भाजपा पूरे प्रदेश में अपना परचम लहरा रही हैं।बिपक्षी पार्टी को मौका दिये बगैर भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने के लिए रणनीति के साथ तैयारी में जुट गई है।