नई स्थानांतरण नीति का डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने किया विरोध
कमलाकर मिश्न की रिपोर्ट
नई स्थानांतरण नीति को लेकर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के बैनर तले मेडिकल कॉलेज के गेट पर शुक्रवार को फार्मासिस्टों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। इस दौरान सुबह आठ बजे से 10 बजे तक आकस्मिक सेवा को छोड़ कर कार्य से विरत रहे। मांगों के पूरा होने तक आंदोलन को जारी रखने की चेतावनी दी।इस दौरान जिलाध्यक्ष बलराम यादव ने कहा कि नई स्थानांतरण नीति स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के हित में नहीं है। इसकी जितनी निदा की जाए कम है। ओपी यादव ने कहा कि इस नीति के तहत जिस कर्मचारी का स्थानांतरण जिस मंडल से बाहर हो जाएगा वह 15 वर्ष तक पूर्व में तैनात मंडल में फिर से तैनात नहीं हो सकता है। उमेश मिश्र ने कहा कि यह स्थानांतरण नीति कोरोना काल में लाई गई है। कोरोना काल में स्वास्थ्यकर्मी, डाक्टर, फार्मासिस्ट सभी अपनी जान की परवाह किए बगैर मरीजों की जान बचाने में लगे हैं। अशोक राय ने कहा कि कोरोना काल में स्वास्थ्यकर्मियों का स्थानांतरण समझ से परे है। नई स्थानांतरण नीति को लेकर पूरे प्रदेश के स्वास्थ्यकर्मियों, फार्मासिस्टों में नाराजगी है। राधेश्याम राय ने कहा कि इस नई स्थानांतरण नीति को वापस लिया जाए। अगर वापस नहीं लिया जाता है तो यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।