डीएम ने की प्रोबेशन विभाग के कार्यो की समीक्षा
कमलाकर मिश्र की रिपोर्ट
देवरिया-प्रोबेशन विभाग की संचालित विभिन्न योजनाओं में किसी प्रकार की कोई लापरवाही न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिये सभी जुडे विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुॅचाये, इसमें शिथिलता कदापि बर्दाश्त नही की जायेगी। यह निर्देश जिलाधिकारी श्री निरंजन गूगल मीट के माध्यम से प्रोबेशन विभाग की योजनाओं व कार्य प्रगतियों की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होने उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई बाल सम्मान योजना, कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मिशन शक्ति आदि योजनाओं की गहन समीक्षा किए। उन्होने कहा कि कन्या सुमंगला योजना में अब तक जो आवेदन पत्र प्राप्त हुए है, वो जनपद की बडी जनसंख्या की अपेक्षा काफी कम है, इसमें तत्परतापूर्वक कार्य करने की जरुरत है। जुडे विभाग अपने स्तर से पूरी सक्रियता लाएं और अधिक से अधिक इस योजना के तहत आवेदन पत्र लिए जाए और उन्हे लाभान्वित किए जाए। जिला प्रोबेशन अधिकारी संबंधित विभागो से इसके लिए समन्वय रखेगें। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत जो भी प्रकरण सत्यापन के लिए लम्बित है, उसका शीघ्र ही निस्तारण निश्चित किए जाने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिया। जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा बताया गया कि 106 बच्चें इस योजना के तहत चिन्हित किए गए है, जिसमें 5 निराश्रित तथा 101 एकल निराश्रित हैं, इन सभी प्रकरणों का सत्यापन हो चुका है। जिलाधिकारी ने निराश्रित महिला पेंशन के लम्बित आवेदन पत्रों का सत्यापन तीन दिन के अन्दर किए जाने का निर्देश खण्ड विकास अधिकारियों को दिया। उन्होने 181 वन स्टाप सेन्टर का नियमित निरीक्षण जिला प्रोबेशन अधिकारी को किए जाने का भी निर्देश दिया। एडीएम प्रशासन कुवर पंकज एवं एडिशनल एस पी राजेश कुमार सोनकर द्वारा बताया गया कि वन स्टाप सेन्टर का संयुक्त निरीक्षण किया गया। कुछ कमियां फाटक, शौचालय आदि से जुडी पायी गयी, जिसे सही कराए जाने का निर्देश दिया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रभात कुमार द्वारा बताया गया कि इन कमियों को दूर कर लिया गया है। जिलाधिकारी श्री निरंजन ने इस दौरान निर्देश दिया कि मेरे व पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बाक्स लगाएं जाए, जिसमें बन्दियो के संबंध में दया याचिका, पेरोल आदि बन्दियों से जुडी समस्याओं को उनके परिजन उस बाक्स में अपने आवेदन को डाल सकेगें, ताकि उस पर विचार किया जा सके। उन्होने यह भी कहा कि बन्दियों की सुगमता के लिए विधिक जागरुकता शिविर जेल में प्रत्येक माह में दो बार लगाए जाए, ताकि कोई भी बन्दी समयपूर्व रिहाई, पेरोल, स्वास्थ्य आदि की समस्या को प्रस्तुत कर सके और उस पर समय से पारदर्शी तरीके से उसका समाधान किया जा सकेगा। इससे बन्दियों की समस्याओं के समाधान में एक पारदर्शी वातावरण विकसित होगी। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा सभी कार्य योजनाओं की एजेन्डा बिन्दुओं की प्रगतियों को प्रस्तुत किया गया। इस बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 आलोक पाण्डेय, एसडीएम गण, खण्ड विकास अधिकारी गण, महिला कल्याण अधिकारी, चाइल्ड लाइन के संयोजक सुनील तिवारी व अन्य संबंधित अधिकारी आदि जुडे रहे।