पत्रकारों का नाम सुनते ही भड़क जाते है चौकी इंचार्ज महसी
आलोक सिंह ब्यूरो बहराइच
आखिर पत्रकारों से क्या दुश्मनी है साहब की आखिर क्यों बनाते हैं पत्रकारों पर मानसिक तनाव महसी बहराइच। पत्रकारों का नाम सुन भड़कने वाले चौकी इंचार्ज महसी आए दिन चर्चा का विषय बन चुके है वही ग्रामीणों के साथ भी नोक झोंक होती रहती हैं साहब की।पता नहीं क्या कारण हैं जो साहब पत्रकार का नाम सुनते भड़क उठते हैं पूरा मामला महसी चौकी हरदी थाना क्षेत्र का है जो कि पत्रकार के घर से सौ डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर चेकिंग अभियान लगाए हुए थे पत्रकार की राजी चौराहा पर आरसीएम की एक दुकान है जिस से संबंधित कोई सामग्री लेने के लिए मार्केट में आया था उसी दौरान पुलिस कर्मचारियों ने रोका और जब पत्रकार ने कुछ कहना चाहा तो बिना कुछ सुने ही साहब कुछ ऐसे भड़के जैसे कोई पुरानी रंजिश हो साहब तो कुर्सी छोड़ खड़े भी हो गए आखिर क्या माजरा हो सकता है जो साहब पत्रकारों का नाम सुन भड़क उठते हैं इसी प्रकार का यदि रवैया रहा साहब का तो पत्रकारों को कवरेज के दौरान भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा । चौकी इंचार्ज महसी इससे पहले भी लॉकडाउन के दौरान भी कुछ पत्रकारों से भड़क गए थे और कहासुनी भी हुई थी जिसके बाद इस ताजे मामले ने फिर से एक नया मोड़ ले लिया है आखिरकार इसी प्रकार के रवैया से नाराज पत्रकार संघ अब चुप नहीं बैठेगा वा सोमवार को चौकी इंचार्ज द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार के संबंध में एसपी महोदया को ज्ञापन सौंप कर कार्रवाई की मांग की जाएगी आए दिन पत्रकारों को ही बनाया जाता है टारगेट। इससे पहले भी साहब अपनी गुंडागर्दी से मशहूर होते नजर आ रहे।